धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर निकली फर्जी, PIB ने डीपफेक वीडियो का किया खंडन

पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट ने कहा कि एआई की ओर से बनाया गया एक वीडियो में झूठा दावा किया गया था कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे रहे हैं. एजेंसी ने लोगों से आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने और सरकार से संबंधित संदिग्ध सामग्री की रिपोर्ट करने का आग्रह किया है. 

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धर्मेंद्र प्रदान का इस्तीफे वाला वीडियो निकला फर्जी. (Photo- PTI) धर्मेंद्र प्रदान का इस्तीफे वाला वीडियो निकला फर्जी. (Photo- PTI)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:53 PM IST

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो को फर्जी बताया है. इस वीडियो में झूठा दावा किया गया था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं. PIB ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि वीडियो को डिजिटल तरीके से बदला गया है. फैक्ट चेक यूनिट ने साफ किया है कि धर्मेंद्र प्रधान ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और इस्तीफे से जुड़ा दावा पूरी तरह गलत है. 

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वायरल वीडियो में क्या था? 

फर्जी वीडियो में धर्मेंद्र प्रधान को यह कहते हुए दिखाया गया है कि मैं निजी कारणों से शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं. इस अवसर के लिए मैं सभी का धन्यवाद करता हूं. 

इसके बाद लिया गया एक्शन 

PIB फैक्ट चेक यूनिट ने गलत सूचना को रोकने के लिए इस वीडियो का असली शेयर किया. एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे छेड़छाड़ किए गए वीडियो और फर्जी खबरों से सावधान रहें और किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें. 

PIB ने लोगों से यह भी कहा है कि केंद्र सरकार से जुड़ी संदिग्ध सामग्री की जानकारी PIB फैक्ट चेक यूनिट को दें.  इसके लिए यूजर व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर +91 8799711259 या ईमेल factcheck@pib.gov.in के जरिए शिकायत भेज सकते हैं ताकि गलत सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सके. 

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डीपफेक वीडियो हो रहा है वायरल 

NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच कई डीपफेक वीडियो सामने आए हैं. इन प्रदर्शनों में छात्र परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं. 

इसी दौरान एक छेड़छाड़ किया गया वीडियो वायरल हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गलत बयान देते हुए दिखाया गया था. PIB फैक्ट चेक यूनिट ने इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया है. 

PIB ने साफ किया कि उसकी फैक्ट चेक यूनिट केवल भारत सरकार से जुड़ी सूचनाओं की जांच करती है. एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि किए किसी भी दावे को आगे साझा न करें और संदिग्ध सामग्री की जानकारी आधिकारिक फैक्ट चेक चैनलों के जरिए दें. 

बता दें कि PIB फैक्ट चेक यूनिट समय-समय पर केंद्र सरकार से जुड़ी वायरल खबरों और दावों की जांच करती है. यूनिट ने लोगों से कहा है कि किसी भी वायरल सामग्री पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक सरकारी स्रोतों से जरूर करें. 

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