रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए विदेश से PhD करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. हालांकि, कई बार सालों तक चलने वाली इस पढ़ाई के दौरान रहने और दूसरे खर्चों को संभालना बड़ी चुनौती बन जाता है लेकिन इसके लिए कई विकल्प भी खुल चुके हैं. इतना ही नहीं कई देशों की यूनिवर्सिटियां और रिसर्च संस्थान PhD छात्रों को आर्थिक सहायता देती हैं.
खास बात यह है कि कुछ देशों में PhD छात्र सिर्फ स्टाइपेंड ही नहीं पाते, बल्कि उन्हें यूनिवर्सिटी के रिसर्च कर्मचारी के तौर पर सैलरी भी दी जाती है. फंडिंग की राशि देश, यूनिवर्सिटी, विषय और रिसर्च प्रोजेक्ट के आधार पर अलग-अलग हो सकती है.
क्या कहती है रिपोर्ट?
साल 2026 में पब्लिश स्टडी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा औसत PhD फंडिंग वाले देशों में ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड, फिनलैंड, डेनमार्क और स्वीडन शामिल हैं. ऑस्ट्रिया में औसत PhD फंडिंग 1,04,328 अमेरिकी डॉलर सालाना बताई गई है. वहीं, नीदरलैंड में यह 74,163 डॉलर, डेनमार्क में 53,436 डॉलर, फिनलैंड में 46,537 डॉलर और स्वीडन में 42,618 डॉलर बताई गई है. इन देशों में कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय भी हैं, जहां भारतीय छात्र डॉक्टोरल रिसर्च के अवसर तलाश सकते हैं. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में.
ऑस्ट्रिया
स्टडी इंटरनेशनल रिपोर्ट के मुताबिक, इस लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर ऑस्ट्रिया का नाम आता है. छात्रों को यहां पर सबसे ज्यादा स्टाइपेंड दिया जाता है. यहां पर मिलने वाले स्टाइपेंड की बात करें, तो यह 1,04,328 डॉलर यानी करीब 1 करोड़ रुपये है. हालांकि, यहां पर रहने का खर्च 1,955.43 डॉलर जो भारतीय रुपये में करीब 1.87 लाख रुपये प्रति माह है. वहीं, अगर इसमें यूनिवर्सिटी की बात करें, तो उम्मीदवार वियना यूनिवर्सिटी, वियना यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, इंसब्रुक यूनिवर्सिटी, मेडिकल यूनिवर्सिटी ऑफ ग्राज और साल्जबर्ग यूनिवर्सिटी में PhD एडमिशन लिया जा सकता है.
नीदरलैंड
वहीं, इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर नीदरलैंड आता है. अगर आप यहां से PhD करना चाहते हैं, तो 74,163 डॉलर यानी कि करीब 70.99 लाख रुपये तक की स्टाइपेंड मिल सकती है. इस देश में रहने का खर्च भी कम है. एम्स्टर्डम यूनिवर्सिटी, लीडेन यूनिवर्सिटी, ग्रोनिंगन यूनिवर्सिटी, डेल्फ्ट यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और इरास्मस यूनिवर्सिटी रॉटरडैम में एडमिशन ले सकते हैं.
फिनलैंड
फिनलैंड अपनी हाई-क्वालिटी एजुकेशन सिस्टम के लिए जाना जाता है. इसके साथ ही ये दुनिया का सबसे खुशहाल देश भी है. यहां मिलने वाले स्टाइपेंड की बात करें, तो ये करीब 46,537 डॉलर है, जो 44.54 लाख रुपये है. हेलसिंकी यूनिवर्सिटी, आल्टो यूनिवर्सिटी, ओउलू यूनिवर्सिटी, टेम्पेरे यूनिवर्सिटी और टुर्कू यूनिवर्सिटी PhD के लिए बेस्ट है.
डेनमार्क
इसके साथ ही डेनमार्क भी PhD करने के लिए एक अच्छा विकल्प माना जाता है. यहां पर औसत स्टाइपेंड 53,436 यानी 51.14 लाख रुपये है. इसके लिए कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी, टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ डेनमार्क, आरहूस यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न डेनमार्क (SDU) और आलबर्ग यूनिवर्सिटी सबसे अच्छा विकल्प है.
स्वीडन
इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर स्वीडन का नाम शामिल है. यहां पर 42,628 डॉलर यानी 40.80 लाख तक का स्टाइपेंड दिया जाता है. यहां की यूनिवर्सिटी की बात करें, तो ब्लीकिंग इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, चाल्मर्स यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, डलारना यूनिवर्सिटी, हाल्मस्टैड यूनिवर्सिटी और जोंकोपिंग यूनिवर्सिटी यहां पढ़ने के लिए बेस्ट हैं.
आजतक एजुकेशन डेस्क