बचपन का सपना बड़े होते -होते धुंधला हो जाता है. लेकिन कई बार जब जुनून बहुत होते हैं, तो सपने पूरे होते हैं. लेकिन हिमाचल से जो कहानी सामने आ रही है वह लोगों को हैरान कर रही है. दरअसर, मंडी की रहने वाली नेहा ठाकुर ने एयर होस्टेस की ट्रेनिंग छोड़कर ट्रक चलाने लगी. उनकी इस कहानी के पीछे कोई जल्दी लिया हुआ फैसला नहीं है बल्कि बचपन का सपना है.
बचपन से ट्रक का शौक
बता दें कि नेहा को बचपन से ही बड़े-बड़े टायरों और भारी-भरकम ट्रकों का शौक था. इन्हें देखकर उनकी आंखें चमक उठती थीं, आज वही ट्रक उनकी पहचान और सपनों की उड़ान बन चुके हैं. लेकिन केवल जमीन पर काम करना ही उनकी पहचान नहीं है. उन्होंने अपनी पहचान आसमान में भी बुलाई है. यानी नेहा ने एयर होस्टेस बनने का भी सपना देखा था जिसके लिए वह चंडीगढ़ में ट्रेनिंग भी ली थी. लेकिन शायद किस्मत कुछ और ही चाहती थी.
ऐसे बनीं पहली महिला ड्राइवर
नेहा के पिता भी ट्रक ड्राइवर ही थे और अक्सर उन्हें उससे ही स्कूल छोड़ने जाते थे. पिता के काम करने के अंदाज और उनकी मेहनत उनकी प्रेरणा बनी. साल 2022 में जब नेहा ने ट्रक ड्राइविंग करने का फैसला लिया तो, उनके पिता ने बिना कुछ सोचे उनका साथ दिया. इसके बाद से ही उन्होंने ये काम शुरू किया और हिमाचल प्रदेश की पहली महिला ट्रक ड्राइवर बन गई हैं.
छोड़ दी एयर होस्टेस की ट्रेनिंग
हालांकि, ग्रेजुएशन के बाद नेहा ने चंडीगढ़ जाकर एयर होस्टेस की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली. वह चाहती तो, आसमान को भी अपना करियर चुन सकती थी लेकिन उन्होंने अपनी असली पैशन को चुना जिसका उनका परिवार ने भी समर्थन किया.
हाईवे की रील्स से वायरल
बता दें कि वह केवल ड्राइविंग ही नहीं करती हैं बल्कि लोगों को भी इसके बारे में बताती हैं. वह रोज अपनी जिंदगी किस तरह से गुजारती है, इसका वीडियो भी वह सोशल मीडिया पर शेयर करती हैं. बारिश हो या धूप मौसम कोई भी हो लेकिन नेहा कभी हार नहीं मानती हैं और अपने यूजर्स के लिए ट्रक से जुड़ी हर वीडियो शेयर करती हैं. वीडियो में भी उन्होंने कहा कि जैसे ही उनका ट्रक शुरू होता है उनका कैमरा भी हो जाता है.
आजतक एजुकेशन डेस्क