कहते हैं कि जब सारे दरवाजे बंद हो जाते हैं, तो समझदार लोग खिड़की खुद बना लेते हैं. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है एक शख्स ने, जिसकी 10 साल पुरानी नौकरी एक झटके में छूट गई थी. पांच महीने तक लगातार रिजेक्शन झेलने के बाद, उसने एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपना हथियार बनाया और एक ऐसा जॉब ऑफर हासिल किया, जिसका सालाना पैकेज करीब 1.5 करोड़ रुपये है.
रेडिट पर 'kml3141' नाम के यूजर ने अपनी इस अनोखी और सीख देने वाली कहानी को शेयर किया है, जो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है.
10 साल की वफादारी के बाद अचानक मिली 'छंटनी' की खबर
शख्स ने बताया कि वह एक ही कंपनी में पिछले 10 सालों से काम कर रहा था और इस दौरान उसने तीन प्रमोशन भी हासिल किए थे. सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन फरवरी के आखिर में कंपनी ने उसे अचानक बाहर का रास्ता दिखा दिया.
शख्स के मुताबिक, यह उसके लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं था. इसके बाद के पांच महीने मानसिक और पेशेवर रूप से बेहद तनावपूर्ण रहे. उसने ढेरों इंटरव्यू दिए, लेकिन हर जगह से सिर्फ रिजेक्शन ही हाथ लगा. कई जगह वैकेंसियां रद्द हो गईं, तो कहीं होल्ड पर डाल दी गईं और कुछ जगहों पर अंदरूनी उम्मीदवारों को ही चुन लिया गया.
फिर काम आई 'स्मार्ट एआई स्ट्रेटेजी'
लगातार मिल रही हार से टूटने के बजाय उसने अपनी रणनीति बदली. उसने एआई टूल्स का इस्तेमाल इंटरव्यू की तैयारी के लिए करना शुरू किया. उसकी रणनीति बेहद सरल लेकिन सटीक थी:
जॉब डिस्क्रिप्शन का विश्लेषण: वह जिस पद के लिए अप्लाई करता, उसकी पूरी जानकारी एआई टूल में डाल देता.
इन्टर्व्यूअर की प्रोफाइलिंग: उसे जो लोग इंटरव्यू लेने वाले होते, उनकी जानकारी एआई को देता ताकि वह उनके मिजाज और पूछने वाले संभावित सवालों का अंदाजा लगा सके.
स्टार फॉर्मूला: एआई की मदद से उसने अपने जवाबों को 'स्टार' प्रारूप यानी परिस्थिति, कार्य, कार्रवाई और परिणाम में ढाला. इससे उसके जवाब बहुत सटीक, साफ और असरदार हो गए.
शख्स ने माना कि एआई की सबसे बड़ी मदद यह मिली कि इंटरव्यू के दौरान उसकी बहुत ज्यादा और फालतू बोलने की आदत पर लगाम लग गई.
1.5 करोड़ का पैकेज और तगड़ा बोनस
इस स्मार्ट तैयारी का नतीजा यह हुआ कि उसे एक बड़ी कंपनी से शानदार ऑफर मिला. इस नई भूमिका में उसे 1,55,000 डॉलर यानी लगभग 1.30 करोड़ रुपये से अधिक का सालाना बेस सैलरी पैकेज, 15 फीसदी का सालाना बोनस और जॉइनिंग के पहले ही दिन से बेहतरीन सुविधाएं मिलीं.
इसके अलावा, यह जॉब हाइब्रिड और फ्लेक्सिबल वर्किंग मॉडल पर आधारित है. शख्स ने बताया कि हालांकि वह सैलरी पर और मोलभाव कर सकता था, लेकिन उसने ऑफर स्वीकार कर लिया क्योंकि यह उसकी पुरानी नौकरी की तुलना में पहले से ही काफी ज्यादा था.
अपनी पोस्ट के जरिए शख्स ने जॉब सर्च से जूझ रहे युवाओं को हार न मानने की सलाह दी है. उसने कहा कि जब तक आप लगातार कोशिश करते रहेंगे, रास्ते खुलते रहेंगे. यह कहानी दर्शाती है कि कैसे आज के दौर में एआई सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि करियर संवारने का एक बड़ा जरिया बन चुका है.
आजतक एजुकेशन डेस्क