रूस ने यूक्रेन पर गिराया 3 टन का बम, डरा देगा शॉकवेव का Video

रूस ने FAB-3000 ग्लाइड बम से यूक्रेन के ओरिखोवे और शचुरोवो जैसे इलाकों में हमले किए. एक बम में 1.4 टन विस्फोटक है. रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि इससे यूक्रेनी ब्रिगेड का अड्डा तबाह हो गया.

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ये है रूस फैब-3000 ग्लाइड बम जो यूक्रेन पर गिराया गया है. (Photo: Wiki) ये है रूस फैब-3000 ग्लाइड बम जो यूक्रेन पर गिराया गया है. (Photo: Wiki)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:23 PM IST

रूस-यूक्रेन युद्ध में रूसी सेना ने एक बार फिर भारी हथियारों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. रूस ने FAB-3000 ग्लाइड बम का इस्तेमाल कर यूक्रेन के जापोरिज्जिया क्षेत्र के ओरिखोवे शहर और डोनेत्स्क पीपुल्स रिपब्लिक के शचुरोवो इलाके में हमले किए. एक बम में करीब 1.4 टन विस्फोटक होता है, जो बहुत बड़े क्षेत्र को तबाह कर सकता है. रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि इससे 63वीं मैकेनाइज्ड ब्रिगेड का अस्थाई अड्डा ध्वस्त हो गया.  

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FAB-3000 रूस का भारी वजन वाला ग्लाइड बम है. इसमें 3000 किलोग्राम (3 टन) वजन होता है, जिसमें लगभग 1.4 टन उच्च विस्फोटक भरा होता है. यह बम ग्लाइड तकनीक से लैस है, जिससे इसे विमान से छोड़ने के बाद कई किलोमीटर तक सटीक दूरी पर ले जाया जा सकता है. इससे पायलट को दुश्मन के एयर डिफेंस रेंज से बाहर रहकर हमला करने का मौका मिलता है.

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रूसी एयरोस्पेस फोर्सेज (VKS) इन बमों का इस्तेमाल फ्रंटलाइन पर यूक्रेनी ठिकानों को नष्ट करने के लिए कर रहा है. शचुरोवो और ओरिखोवे जैसे इलाकों में इन हमलों से यूक्रेनी सैनिकों के अड्डे, गोला-बारूद डिपो और कमांड सेंटर्स को भारी नुकसान पहुंचा है.

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रूस की हालिया हमले की रणनीति

रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हाल के दिनों में FAB-3000 समेत अन्य एरियल बमों से शचुरोवो (दोनेत्स्क), उस्तिनोवका और ब्लागोडातोवका (खार्किव क्षेत्र) में यूक्रेनी अस्थाई अड्डों पर हमले किए गए. रूस का दावा है कि इन हमलों से यूक्रेनी ब्रिगेड की क्षमता काफी कम हो गई है.

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यह रणनीति रूस की डीप बैटल यानी गहरा हमला करने की नीति का हिस्सा लगती है, जिसमें फ्रंटलाइन से पहले के इलाकों को निशाना बनाया जाता है. इससे यूक्रेनी सैनिकों को पीछे हटने या सप्लाई लाइन बाधित करने में मदद मिलती है.

FAB-3000 जैसे भारी बम युद्ध को और खूनी बना रहे हैं. एक बम का विस्फोट इतना शक्तिशाली होता है कि आसपास के कई सौ मीटर क्षेत्र में सब कुछ तबाह हो सकता है. रूस के पास FAB-500, FAB-1500 और FAB-3000 जैसे ग्लाइड बमों का बड़ा स्टॉक है. इनका इस्तेमाल 2024-2025 से बढ़ा है.

यूक्रेन के पास इन भारी बमों का जवाब देने के लिए पर्याप्त एयर डिफेंस सिस्टम नहीं है. पश्चिमी सहायता सीमित है. इससे रूस को हवाई श्रेष्ठता का फायदा मिल रहा है.

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दोनों पक्षों की वर्तमान स्थिति

रूस लगातार आक्रामक है और दोनेत्स्क, खार्किव और जापोरिज्जिया में दबाव बना रखा है. यूक्रेन सैनिकों की कमी और गोला-बारूद की समस्या से जूझ रहा है. पश्चिमी देशों की मदद जारी है, लेकिन युद्ध थकान बढ़ रही है.

यह युद्ध यूरोप की सुरक्षा और वैश्विक खाद्य सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है. भारी बमबारी से नागरिकों का नुकसान भी हो रहा है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति की अपील कर रहा है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल रहा.

FAB-3000 ग्लाइड बम रूस की घातक क्षमता को दिखाता है. ये हमले युद्ध को और लंबा खींच सकते हैं. दोनों पक्षों को बातचीत से समाधान निकालना चाहिए, वरना मानवीय संकट और बढ़ेगा.

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