बांग्लादेश बॉर्डर पर बीजीबी के कितने जवान हैं, जो इतना ताव दिखा रहे

भारत-बांग्लादेश सीमा पर BGB के हजारों जवान तैनात हैं. फेंसिंग लगाने के काम के दौरान BGB जवानों द्वारा आक्रामकता दिखाई जा रही है. जबकि दोनों देश फ्लैग मीटिंग से विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं.

Advertisement
भारत सीमा पर तैनात बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के जवान. (File Photo: Getty) भारत सीमा पर तैनात बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के जवान. (File Photo: Getty)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:54 PM IST

भारत-बांग्लादेश सीमा पर इन दिनों में तनाव बढ़ा है. खासकर बॉर्डर फेंसिंग लगाने के काम के दौरान बांग्लादेश की बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के जवानों द्वारा आक्रामक रवैया दिखाए जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. भारत की सीमा सुरक्षा बल (BSF) फेंसिंग का काम तेजी से कर रही है, लेकिन BGB इसे रोकने की कोशिश कर रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि BGB के कितने जवान इस लंबी सीमा पर तैनात हैं. वे इतना आक्रामक व्यवहार क्यों कर रहे हैं?

Advertisement

भारत-बांग्लादेश की सीमा दुनिया की सबसे लंबी जमीनी सीमाओं में से एक है. इसकी कुल लंबाई 4096 km है, जो पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों से होकर गुजरती है. इस सीमा पर BSF भारत की तरफ सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है, जबकि बांग्लादेश की तरफ BGB तैनात है.

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान बॉर्डर पर बाड़ लगाने से कैसे बदल गई सिक्योरिटी, जानिए क्यों जरूरी है बांग्लादेश बॉर्डर पर स्मार्ट फेंसिंग

BGB की तैनाती

BGB (Border Guard Bangladesh) बांग्लादेश की अर्ध-सैन्य बल है, जिसकी कुल संख्या लगभग 70,000 बताई जाती है. इनमें से बड़ी संख्या भारत की सीमा पर तैनात है. BGB के पास 64 बटालियन हैं, जो भारत की सीमा पर ड्यूटी देते हैं. हालांकि सटीक संख्या सार्वजनिक रूप से नहीं बताई जाती, लेकिन अनुमान है कि सीमा पर BGB के हजारों जवान नियमित रूप से तैनात रहते हैं.

Advertisement
त्रिपुरा के पास बांग्लादेश सीमा की पेट्रोलिंग करते बीएसएफ के जवान. (Photo: Getty)

BSF की तैनाती

भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) दुनिया का सबसे बड़ा बॉर्डर गार्डिंग फोर्स है. इसकी कुल संख्या 2.70 लाख से ज्यादा है. बांग्लादेश बॉर्डर पर BSF की कई बटालियन (हर बटालियन में करीब 1000 जवान) तैनात हैं. BSF यहां 24 घंटे पेट्रोलिंग, निगरानी और फेंसिंग सुरक्षा का काम करती है.

क्यों दिखा रहे हैं BGB जवान आक्रामकता?

हाल के महीनों में BGB के जवानों द्वारा फेंसिंग कार्य में बाधा डालने, पत्थर फेंकने और BSF जवानों से बहस करने की कई घटनाएं सामने आई हैं. इसके मुख्य कारण हैं...

  • फेंसिंग पर आपत्ति: भारत अपनी तरफ फेंसिंग लगा रहा है, लेकिन BGB इसे अंतरराष्ट्रीय सीमा के नियमों का उल्लंघन बताती है. BGB का कहना है कि फेंसिंग' नो मैन्‍स लैंड' (150 गज वाले क्षेत्र) में की जा रही है.
  • राजनीतिक अस्थिरता: बांग्लादेश में हाल की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद BGB ज्यादा आक्रामक हो गई है.
  • तस्करी और घुसपैठ: BGB कभी-कभी तस्करों और घुसपैठियों की मदद करती दिखती है, जिसे BSF रोकती है.

यह भी पढ़ें: ईरान के साथ डील से MoU पर आ गए ट्रंप, 60 दिन की 'जुगाड़ू डील' में आखिर क्या-क्या है?

अगर संघर्ष हुआ तो क्या होगा?

Advertisement

अगर फेंसिंग को लेकर बड़ा टकराव हुआ तो दोनों तरफ से तनाव बढ़ सकता है. 

  • BSF का रुख: BSF शांतिपूर्ण तरीके से काम करती है, लेकिन सीमा की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाती है. 
  • BGB का रुख: BGB अक्सर स्थानीय लोगों को भी साथ लेकर विरोध करती है.
  • परिणाम: छोटे-मोटे झड़पें हो सकती हैं, लेकिन दोनों देश बड़े संघर्ष से बचना चाहते हैं. ऐसे मामलों में फ्लैग मीटिंग (DG स्तर की बैठक) बुलाई जाती है, जिसमें मुद्दों को सुलझाया जाता है.
बांग्लादेश में जब भी हिंसा होती है बीजीबी के सैनिकों को तैनात किया जाता है. (Photo: Reuters)

पिछले कुछ सालों में BSF और BGB के बीच सैकड़ों बैठकें हो चुकी हैं. दोनों बलों के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन फेंसिंग जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं.

यह भी पढ़ें: मॉनसून को कितना नुकसान पहुंचाएगा अल-नीनो? आ गया बारिश का नया आंकड़ा

भारत के लिए क्यों जरूरी है फेंसिंग?

भारत बांग्लादेश बॉर्डर पर फेंसिंग इसलिए लगा रहा है क्योंकि...

  • अवैध घुसपैठ और तस्करी रोकनी है.
  • आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण रखना है.
  • सीमा क्षेत्र में शांति और विकास सुनिश्चित करना है.
  • पाकिस्तान बॉर्डर पर फेंसिंग के सकारात्मक परिणाम देखने के बाद सरकार बांग्लादेश बॉर्डर पर भी स्मार्ट फेंसिंग (सेंसर और कैमरा वाली) लगाने की योजना बना रही है.

BGB के जवान बांग्लादेश की 4096 किमी लंबी सीमा पर तैनात हैं. फेंसिंग जैसे विकास कार्यों में अक्सर आक्रामकता दिखाते हैं. BSF अपनी तरफ मजबूती से सुरक्षा करती है. दोनों देशों को समझौते के जरिए इन मुद्दों को सुलझाना चाहिए, ताकि सीमा पर शांति बनी रहे और दोनों देशों के लोगों को फायदा हो.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »