क्या चीन की नेवी बनेगी दुनिया में सबसे मजबूत? जान लीजिए PLAN-9 क्या है

चीन अपना चौथा एयरक्राफ्ट कैरियर बना रहा है. अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार, चीन 2035 तक कुल 9 कैरियर बनाने का लक्ष्य रखता है. डालियन शिपयार्ड में तेजी से निर्माण चल रहा है.

Advertisement
डालियन शिपयार्ड पर बनता चीन का चौथा एयरक्राफ्ट कैरियर. (Photo: CSIS/Vantor) डालियन शिपयार्ड पर बनता चीन का चौथा एयरक्राफ्ट कैरियर. (Photo: CSIS/Vantor)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 27 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:46 PM IST

चीन अपनी नौसेना को तेजी से मजबूत कर रहा है. अमेरिका के रक्षा विभाग की 2025 रिपोर्ट में पहली बार कहा गया है कि चीन 2035 तक 6 और एयरक्राफ्ट कैरियर बना लेगा. चीन के कैरियरों की संख्या 9 हो जाएगी. फिलहाल चीन के पास 3 कैरियर हैं. अब डालियन शिपयार्ड में चौथे कैरियर (टाइप 004) का काम तेजी से चल रहा है. यह चीन की नौसेना (PLAN) के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.

Advertisement

उत्तर चीन के डालियन शिपयार्ड में चौथे एयरक्राफ्ट कैरियर का निर्माण कार्य जोरों पर है. 2025 की शुरुआत में सूखे डॉक में पहली बार बड़े हल पार्ट्स दिखाई दिए थे. अब एक साल से भी कम समय में इन हिस्सों को जोड़कर कैरियर का पूरा हल (मुख्य शरीर) बन चुका है. 

यह भी पढ़ें: नॉर्थ कोरिया ने फिर नया हथियार बनाने का किया दावा, आखिर कितने साइंटिस्ट हैं उसके पास, कहां से आ रहा इतना पैसा

सैटेलाइट इमेजरी से साफ दिख रहा है कि चीन की शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री कितनी तेज और बड़ी है. हालांकि कैरियर अभी लॉन्च नहीं हुआ है. लॉन्च होने के बाद भी इसमें इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, हथियार, रडार और अन्य उपकरण लगाने में कई साल लगेंगे. इसके बाद समुद्री परीक्षण होंगे, तब जाकर यह चीनी नौसेना में शामिल होगा.

चीन के पास अभी कितने कैरियर हैं?

Advertisement

चीन के पास फिलहाल तीन एयरक्राफ्ट कैरियर हैं... 

  • लियाओनिंग (पहला, पुराना सोवियत मॉडल)
  • शैंडोंग (दूसरा)
  • फूजियान (तीसरा, जो सबसे आधुनिक है)

चौथा कैरियर इनमें सबसे बड़ा और एडवांस हो सकता है. हालांकि इसकी सटीक क्षमता, साइज और इंजन सिस्टम (परमाणु या पारंपरिक) को लेकर अभी भी बहुत सारी अफवाहें हैं.

यह भी पढ़ें: हिमाचल में ये झील टूटी तो 34 बस्तियां, 57 पुल और अटल टनल पर खतरा

अमेरिका की 2025 डिफेंस रिपोर्ट में पहली बार साफ कहा गया है कि चीन 2035 तक कुल 9 एयरक्राफ्ट कैरियर बनाने का लक्ष्य रखता है. यानी अगले 10 साल में 6 नए कैरियर. विशेषज्ञों का कहना है कि इतने कैरियर बनाने के लिए चीन को अब एक साथ दो कैरियर बनाने शुरू करने होंगे. डालियन के अलावा जियांगनान शिपयार्ड दूसरा बड़ा केंद्र हो सकता है, जहां फूजियान कैरियर बना था.

इतनी तेजी से निर्माण क्यों?

चीन की शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री दुनिया में सबसे बड़ी और सबसे तेज है. एक साल के अंदर बड़े-बड़े हल पार्ट्स को जोड़कर पूरा स्ट्रक्चर तैयार करना आसान काम नहीं है. यह चीन की औद्योगिक क्षमता को दिखाता है. लेकिन कैरियर बनाना सिर्फ हल तैयार करना नहीं होता. इसमें हवाई जहाजों को उड़ाने वाले सिस्टम (कैटापल्ट), रडार, मिसाइल डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और हजारों अन्य टेक्नोलॉजी लगानी पड़ती है. सालों लगते हैं.

Advertisement

एयरक्राफ्ट कैरियर किसी भी नौसेना का दिल होते हैं, लेकिन वे अकेले नहीं चलते. इनके साथ क्रूजर, डिस्ट्रॉयर, फ्रिगेट, सप्लाई शिप और न्यूक्लियर सबमरीन भी होने चाहिए. अगर चीन 9 कैरियर बनाने जा रहा है तो उसे इन सपोर्टिंग जहाजों की भी बड़ी संख्या में जरूरत पड़ेगी. चीन इस दिशा में भी तेजी से काम कर रहा है.

यह भी पढ़ें: प्रशांत महासागर में मिला एलियन जैसा नीला ऑक्टोपस... 10 साल की स्टडी के बाद पता चली प्रजाति

अगर चीन 2035 तक 9 कैरियर बना लेता है तो दुनिया की नौसेना शक्ति का पूरा बैलेंस बदल जाएगा. अमेरिका के पास अभी 11 कैरियर हैं. चीन अगर परमाणु ऊर्जा वाले आधुनिक कैरियर बना लेगा तो मात्रा के साथ गुणवत्ता में भी अमेरिका के करीब पहुंच जाएगा. इससे चीन इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी नौसेना और हवाई ताकत बहुत दूर तक प्रोजेक्शन कर सकेगा. ताइवान, दक्षिण चीन सागर और आगे प्रशांत महासागर में चीन की पहुंच बढ़ जाएगी.

भारत के लिए क्या मायने रखता है?

चीन की बढ़ती नौसेना ताकत भारत के लिए भी चिंता का विषय है. हिंद महासागर क्षेत्र में चीन पहले से ही अपने जहाज भेज रहा है. अगर उसके पास ज्यादा कैरियर हो गए तो भारतीय नौसेना को और ज्यादा सतर्क रहना पड़ेगा. भारत भी अपने कैरियर प्रोग्राम (INS विक्रांत, विक्रमादित्य आदि) को तेज करने पर जोर दे रहा है.

Advertisement

चीन का चौथा एयरक्राफ्ट कैरियर उसकी नौसेना आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है. 2035 तक 9 कैरियर बनाने का लक्ष्य चीन को दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना शक्ति बनाने की ओर ले जा रहा है. डालियन शिपयार्ड में चल रहा निर्माण इस बात का सबूत है कि चीन अपनी मैरीटाइम इंडस्ट्री कैपेसिटी को पूरी ताकत से इस्तेमाल कर रहा है. अभी कई साल लगेंगे जब यह चौथा कैरियर पूरी तरह तैयार होकर नौसेना में शामिल होगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement