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डिफेंस न्यूज

न्यूक्लियर वॉर का खतरा? डिमोना में ऐसा क्या है कि ईरानी ड्रोन-मिसाइल गिरते ही मची खलबली

ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 23 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 3:15 PM IST
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ईरान और इजरायल के बीच चल रही 2026 की जंग अब एक बहुत खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. 21 मार्च 2026 को ईरान ने दक्षिण इजरायल के डिमोना और अराद शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. इन हमलों में सैकड़ों लोग घायल हो गए – कुछ रिपोर्ट्स में 100 से 180 लोग घायल बताए जा रहे हैं. Photo: Reuters

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कई बच्चों की हालत गंभीर है. मिसाइलें आवासीय इलाकों में गिरीं. इमारतें ध्वस्त हो गईं. लोगों में भयंकर दहशत फैल गई. लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि डिमोना शहर इजरायल के सबसे गुप्त और महत्वपूर्ण न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर के बहुत पास है. इसी वजह से पूरी दुनिया में न्यूक्लियर वॉर का डर फैल गया है. Photo: AFP

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डिमोना इजरायल के नेगेव रेगिस्तान में स्थित शिमोन पेरेस न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर के पास है. यह इजरायल का मुख्य न्यूक्लियर प्लांट है जहां परमाणु हथियार बनाने से जुड़ी रिसर्च होती है. यहां प्लूटोनियम का उत्पादन होता है. इजरायल के परमाणु कार्यक्रम का पूरा आधार यहीं है. Photo: Reuters

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दुनिया मानती है कि इजरायल के पास परमाणु बम हैं. डिमोना उनका सबसे बड़ा गुप्त केंद्र है. यह जगह इतनी संवेदनशील है कि आसपास के इलाकों में हमेशा सख्त सुरक्षा रहती है. ईरान ने इन मिसाइलों से डिमोना शहर को निशाना बनाया, जो न्यूक्लियर सेंटर से सिर्फ 12-22 किलोमीटर दूर है. Photo: Getty

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हमले में न्यूक्लियर प्लांट को सीधा नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन पास में गिरने वाली मिसाइलों से रेडिएशन लीक का खतरा पैदा हो गया. जैसे ही ईरानी मिसाइलें डिमोना के पास गिरीं अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग गई. लोग घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित जगहों की तरफ भाग रहे थे. Photo: AP

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अगर मिसाइलें न्यूक्लियर प्लांट को हिट करतीं या पास में गिरकर प्लांट को नुकसान पहुंचातीं तो रेडिएशन फैल सकता था. रेडिएशन से लोग बीमार पड़ सकते हैं. मिट्टी और पानी प्रदूषित हो सकता है. हजारों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है. Photo: AP

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इजरायल ने तुरंत आपात स्थिति घोषित कर दी. न्यूक्लियर सेंटर की सुरक्षा बढ़ा दी. अंतरराष्ट्रीय एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने भी कहा कि अभी कोई रेडिएशन लीक नहीं हुआ है, लेकिन खतरा बना हुआ है. इसी वजह से दुनिया भर में न्यूक्लियर वॉर का डर फैल गया. Photo: Reuters

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अभी यह युद्ध न्यूक्लियर स्तर पर नहीं पहुंचा है. दोनों तरफ सामान्य मिसाइलों और ड्रोन से हमले हो रहे हैं. ईरान का कहना है कि यह हमला नतांज न्यूक्लियर साइट पर हुए हमले का जवाब था. इजरायल ने अभी तक कोई परमाणु हथियार इस्तेमाल नहीं किया है. लेकिन डिमोना जैसे न्यूक्लियर केंद्र पर हमला बहुत गंभीर संकेत है. Photo: Reuters

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अगर आगे कोई मिसाइल न्यूक्लियर प्लांट को सीधे हिट कर दे या रेडिएशन फैल जाए तो दोनों देश परमाणु हथियार इस्तेमाल कर सकते हैं. ईरान भी परमाणु कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ा रहा है. अमेरिका और दूसरे देश इस पर नजर रखे हुए हैं. Photo: AFP

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डिमोना हमले के बाद इजरायल ने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रख दिया है. ईरान ने कहा है कि अगर हमले जारी रहे तो और जवाबी कार्रवाई होगी. दोनों तरफ से बयानबाजी तेज हो गई है. न्यूक्लियर प्लांट के पास हमला होने से रेडिएशन का खतरा हमेशा बना रहता है. Photo: AP

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