गाजा पट्टी के मध्य भाग में स्थित देइर अल-बलाह शहर के दक्षिण में अल-सित अमीरा कैंप पर इजरायली डिफेंस फोर्स ने हवाई हमला किया.इजरायली सेना ने इस हमले से पहले इलाके के लोगों को खाली करने की चेतावनी जारी की थी. इसके बावजूद एक व्यक्ति टारगेट के पास था. उसकी मौत हो गई. कई अन्य लोग घायल हो गए. Photo: AP
अल-सित अमीरा कैंप में विस्थापित फिलिस्तीनी परिवार तंबुओं में रह रहे थे. इजरायली सेना ने पहले इलाके को खाली करने की चेतावनी दी ताकि आम नागरिक सुरक्षित जगह पर चले जाएं. चेतावनी के बावजूद कुछ लोग वहां रह गए. हमले में एक 22 वर्षीय युवक अब्दुल रहमान कनबौर की मौत हो गई. Photo: AP
गाजा के सिविल डिफेंस और अस्पतालों के अनुसार सात अन्य लोग घायल हुए. हमले के बाद तंबुओं में आग लग गई और धुआं उठता दिखा. घायलों को अल-अक्सा शहीद अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है. इजरायली सेना अक्सर ऐसे हमलों से पहले फोन कॉल, मैसेज या पर्चे के जरिए चेतावनी जारी करती है. Photo: AP
इसका मकसद आम लोगों को सुरक्षित रखना बताया जाता है. IDF का कहना है कि वे केवल आतंकवादी ठिकानों या खतरनाक लक्ष्यों पर हमला करते हैं. इस मामले में भी उन्होंने कहा कि रिपोर्ट की जांच की जा रही है. गाजा में हमास जैसे समूह हथियार छिपाते हैं. आम लोगों के बीच रहते हैं, जिससे नागरिकों को खतरा होता है. Photo: AFP
गाजा के सिविल डिफेंस विभाग ने इस हमले की निंदा की है. उन्होंने कहा कि चेतावनी के बावजूद निर्दोष लोग मारे गए और घायल हुए. विस्फोट के बाद चीख-पुकार मच गई और शार्पनेल और धुआं चारों तरफ फैल गया. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार युद्धविराम शुरू होने के बाद भी सैकड़ों फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है. Photo: Reuters
गाजा पट्टी में अक्टूबर 2023 से शुरू हुए बड़े संघर्ष के बाद लाखों लोग अपने घर छोड़कर विस्थापित हो गए. वे तंबुओं और अस्थायी कैंपों में रह रहे हैं. देइर अल-बलाह मध्य गाजा का महत्वपूर्ण इलाका है जहां कई विस्थापित परिवार शरण लिए हुए हैं. Photo: AP
अक्टूबर 2025 से युद्धविराम लागू है लेकिन दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगाते रहते हैं. इजरायल कहता है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कार्रवाई करता है जबकि फिलिस्तीन इसे अत्याचार बताता है. लोग कहते हैं कि कभी-कभी चेतावनी बहुत कम समय में दी जाती है या लोग सुरक्षित जगह नहीं ढूंढ पाते. Photo: AFP
गाजा में जगह कम होने और हर तरफ खतरे के कारण कई लोग चेतावनी के बावजूद वहीं रह जाते हैं. अंतरराष्ट्रीय संगठन अक्सर कहते हैं कि गाजा जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऐसे हमले नागरिकों के लिए बहुत खतरनाक होते हैं. यह हमला युद्धविराम के दौरान हुआ है जिससे तनाव बढ़ गया है. दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप जारी है. Photo: AP
फिलिस्तीनी परिवार अभी भी कैंपों में रह रहे हैं और रोजमर्रा की जिंदगी संघर्षपूर्ण है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर रखे हुए है लेकिन स्थायी शांति अभी दूर दिख रही है. ऐसे हमलों में आम लोगों की जान जाना गाजा संकट की निरंतर चुनौती बनी हुई है. Photo: AP
यह घटना गाजा के जटिल हालात को दर्शाती है जहां सुरक्षा, चेतावनी और नागरिकों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना बहुत मुश्किल हो जाता है. Photo: AP