शिमला गैंगरेप-मर्डर केस: कोर्ट ने CBI को लगाई फटकार, कहा- निदेशक करें हस्तक्षेप

शिमला के कोटखई में नाबालिग लड़की से गैंगरेप और उसकी हत्या के मामले में सीबीआई ने कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की है. इस दौरान कोर्ट ने जनता से अपील करते हुए कहा कि इस मामले में अगर उनके पास कोई सुराग या सुझाव है तो वे सीबीआई को दें. साथ ही कोर्ट ने सीबीआई को फटकार भी लगाई. अब इस मामले में अगली सुनवाई 10 जनवरी को होगी.

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कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि अगर जांच नहीं करनी साफ मना करें कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि अगर जांच नहीं करनी साफ मना करें

परवेज़ सागर

  • शिमला,
  • 20 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 9:45 AM IST

शिमला के कोटखई में नाबालिग लड़की से गैंगरेप और उसकी हत्या के मामले में सीबीआई ने कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की है. इस दौरान कोर्ट ने जनता से अपील करते हुए कहा कि इस मामले में अगर उनके पास कोई सुराग या सुझाव है तो वे सीबीआई को दें. साथ ही कोर्ट ने सीबीआई को फटकार भी लगाई. अब इस मामले में अगली सुनवाई 10 जनवरी को होगी.

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कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट देखने के बाद को कड़े शब्दों में फटकार लगाते हुए कहा कि अगर उनसे मामले की जांच नहीं हो पा रही है, तो वे मना कर दें. फिर मामले की जांच एनआईए को सौंपी जाए. कोर्ट ने सीबीआई के निदेशक को इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करने के लिए कहा है.

इससे पहले भी सीबीआई ने कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की थी. उस वक्त भी कोर्ट ने कहा था कि गुड़िया गैंगरेप और मर्डर केस की जांच भी जल्द से जल्द पूरी करनी चाहिए. इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी से संबंधित चालान चार सप्ताह में पेश करने का आदेश दिया था. इससे पहले सीबीआई कोर्ट में 600 पेज का चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.

इस केस के सिलसिले में सीबीआई ने महानिरीक्षक रैंक के एक अधिकारी सहित आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया था. ये पुलिस अफसर गैंगरेप और हत्या केस की जांच के लिए गठित एसआईटी का हिस्सा थे. सीबीआई ने पुलिसकर्मियों को मजदूर सूरज सिंह (29) की हिरासत में हुई मौत केस में 29 जुलाई को गिरफ्तार किया था.

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सीबीआई अदालत में दायर 600 पन्नों के चार्जशीट में पर हत्या, साजिश, जुर्म कबूल करवाने के लिए गलत तरीके से हिरासत में रखने, गंभीर नुकसान पहुंचाने, गलत रिकॉर्ड बनाने और सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया गया था. पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी सहित आठों पुलिस अधिकारियों की न्यायिक हिरासत सात दिसंबर तक बढ़ा दी गई है.

पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी को सीबीआई ने 16 नवंबर को गिरफ्तार किया था. उनके खिलाफ चालान अभी पेश किया जाना है. मृतक सूरज को नाबालिग से गैंगरेप और हत्या के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था. 18 जुलाई की रात कोटखई थाने में सह-आरोपी ने सूरज सिंह की हत्या कर दी थी, जिससे लोगों का गुस्सा भड़क उठा था.

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया था. सीबीआई ने पुलिस महानिरीक्षक जहूर हैदर जैदी और सात पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार करने से पहले कई लोगों से पूछताछ की थी. इस मामले में बीते सप्ताह एक नया मोड़ आ गया था. कोटखाई थाने में तैनात संतरी ने सीबीआई को ऐसा बयान दिया कि हर कोई दंग रह गया.

सीबीआई को उसने बताया कि लॉकअप में गैंगरेप के आरोपी राजू ने दूसरे आरोपी सूरज की हत्या नहीं की थी. सूत्रों के मुताबिक सूरज की हत्या पुलिसकर्मियों ने ही की थी. सूत्रों के मुताबिक, सूरज की हत्या थाने में ना हो कर थाने से बाहर कहीं दूसरी जगह पर की गई थी. उसके पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ था कि उसे मारने से पहले बुरी तरह पीटा गया था.

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