सेना की जासूसी के आरोप में 4 गिरफ्तार, हवाला के जरिये PAK से मिले पैसे

आरोप है कि नलिया एयरबेस की जानकारी, तस्वीरें पाकिस्तान भेजने की एवज में गिरफ्तार चार लोगों को हवाला के जरिये पैसे मिले. पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की जानकारी पाकिस्तान को भेज रहे थे.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

गोपी घांघर

  • अहमदाबाद,
  • 08 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 10:27 AM IST

  • नलिया एयरबेस की जानकारी पाकिस्तान भेजने का आरोप
  • आरोपियों पर शासकीय गोपनीयता अधिनियम के तहत केस

गुजरात के कच्छ पुलिस ने सेना के ठिकानों की जासूसी करने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि इन लोगों पर नलिया एयरबेस की जानकारी, तस्वीरें पाकिस्तान भेजने का आरोप है.गिरफ्तार चारों आरोपियों की उम्र 17-21 वर्ष के बीच बताई जा रही है.

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आरोपियों के खिलाफ शासकीय गोपनीयता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है. आरोप है कि नलिया एयरबेस की जानकारी, तस्वीरें पाकिस्तान भेजने की एवज में इन्हें हवाला के जरिये पैसे मिले. पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की जानकारी पाकिस्तान को भेज रहे थे.

बहरहाल, इससे पहले भारतीय नौसेना में जासूसी और हनी ट्रैप के खुलासे के बाद फेसबुक पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. अब कोई भी जवान फेसबुक का इस्तेमाल नहीं करेगा. साथ ही नौसेना के ठिकानों, डॉकयार्ड और ऑन-बोर्ड युद्धपोतों पर स्मार्ट फोन के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.

दरअसल, बीते दिनों नौसेना के सात कर्मियों को सूचनाएं लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद नौसेना ने अपने कर्मियों से सोशल मीडिया से दूरी बनाने का फरमान जारी किया है.

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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने सोशल मीडिया के जरिए भारतीय सुरक्षा बलों के जवानों को हनीट्रैप में फंसाने का बड़ा प्लान तैयार किया है. गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे प्लान को आईएसआई के एक अधिकारी के जरिए अंजाम दिया जा रहा है.

अब इस मामले की जांच का जिम्मा गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपा है. बीते दिनों आंध्र प्रदेश की काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने हनीट्रैप के कई मामले पकड़े थे, जिसमें नेवी के कई जवान शामिल थे.

बड़े जासूसी रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद भारतीय नौसेना ने अपने जवानों को सोशल मीडिया और स्मार्टफोन से दूर रहने को कहा है. बेड़े पर तैनात जवानों को भी फोन रखने से मना किया गया है. बता दें कि केंद्रीय खुफिया विभाग और आंध्र पुलिस के संयुक्त अभियान में सात नाविक गिरफ्तार किए गए थे.

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