बिहार के सारण का युवक लाखों की फेक करेंसी के साथ दिल्ली में गिरफ्तार

सरकार के तमाम उपाय भी फेक करेंसी रोकने में विफल हो रहे हैं. फेक करेंसी के काले कारोबार से जुड़े गिरोह नई करेंसी के भी फेक वर्जन के साथ फिर से सक्रिय हो चुके हैं. स्पेशल सेल नार्दर्न रेंज ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.

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तनसीम हैदर

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2019,
  • अपडेटेड 9:42 PM IST

सरकार के तमाम उपाय भी फेक करेंसी रोकने में विफल हो रहे हैं. फेक करेंसी के काले कारोबार से जुड़े गिरोह नई करेंसी के भी फेक वर्जन के साथ फिर से सक्रिय हो चुके हैं. स्पेशल सेल नार्दर्न रेंज ने इसी मामले के अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.

गिरफ्तार संतोष सिंह बिहार के सारण जिले का निवासी है. उसके पास से  2-2 हजार के नोट की 5 लाख की फेक करेंसी बरामद हुई है. बरामद करेंसी का सुरक्षा धागा और वॉटरमार्क समेत सभी सिक्योरिटी फीचर्स असली करेंसी के काफी करीब है.

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जानकारी के अनुसार स्पेशल सेल को 6 महीने से फेक करेंसी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी. मानवीय और तकनीकी, दोनों तरीकों से संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही थी. इसी दौरान 6 जून को सूचना के आधार पर कश्मीरी गेट आईएसबीटी पर जाल बिछाकर फेक करेंसी देने पहुंचे संतोष को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने संतोष का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया. पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है.

पुलिस के अनुसार फेक करेंसी पड़ोसी देश बांग्लादेश और नेपाल से पश्चिम बंगाल के मालदा और अन्य सीमावर्ती जिलों के रास्ते भारत में लाई जाती है. जिसे दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा आदि राज्यों में फैले नेटवर्क के माध्यम से पहुंचाया जाता था. बताया जाता है कि सप्लायरों को 100 रूपये की फेक करेंसी 40 रुपये के हिसाब से मिलती थी. यह राज्यों में सक्रिय गिरोह तक पहुंचते-पहुंचते 50 से 60 रुपये की हो जाती थी.

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