विवेक तिवारी हत्याकांड में लखनऊ कोर्ट सुनाएगी फैसला, हत्या के आरोपी हैं सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप सिंह

लखनऊ के चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में आज कोर्ट फैसला सुनाएगी. एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर की हत्या के मामले में यूपी पुलिस के सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप सिंह आरोपी हैं. जानिए इस सनसनीखेज मामले का अपडेट.

Advertisement
इस मामले में सबकी निगाहें अदालत के फैसले पर लगी हैं (फोटो-ITG) इस मामले में सबकी निगाहें अदालत के फैसले पर लगी हैं (फोटो-ITG)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 17 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:06 PM IST

लखनऊ में एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में आज कोर्ट फैसला सुनाने वाली है. इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के दो सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप सिंह आरोपी हैं. दोनों पर विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है. इस मामले में कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है और 6 अगस्त को अंतिम बहस भी हो गई थी. अब सभी की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं.

Advertisement

यह मामला 28 सितंबर 2018 का है. उस दिन लखनऊ के गोमती नगर विस्तार इलाके में एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. एफआईआर के मुताबिक, विवेक तिवारी अपनी महिला सहकर्मी सना खान के साथ वापस जा रहे थे. इसी दौरान नाइट पेट्रोलिंग कर रहे गोमती नगर विस्तार थाने के सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप सिंह ने उन्हें गोली मार दी थी.

घटना के बाद लखनऊ पुलिस पर वसूली के लिए जान लेने के आरोप लगे थे. मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए थे. हालांकि, ये आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया का विषय रहे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन आईजी रेंज सुजीत पांडे की अगुवाई में विशेष जांच टीम यानी एसआईटी ने जांच की थी.

Advertisement

एसआईटी की जांच के बाद प्रशांत चौधरी और संदीप सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. इस मामले में दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई. मौजूदा स्थिति के मुताबिक, प्रशांत चौधरी लखनऊ जेल में बंद है, जबकि संदीप सिंह को जमानत मिल चुकी है. दोनों के खिलाफ हत्या के मामले में कोर्ट में सुनवाई चल रही थी.

कोर्ट में सुनवाई के दौरान घटना की चश्मदीद गवाह सना खान का बयान दर्ज किया गया. इसके अलावा विवेक तिवारी का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर और सूचना मिलने पर सबसे पहले मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी समेत आठ लोगों की गवाही हुई. इन गवाहों के बयान मामले की सुनवाई का अहम हिस्सा रहे. सभी गवाहियों के बाद 6 अगस्त को मामले में अंतिम बहस पूरी हो गई थी.

अब इस मामले में लखनऊ कोर्ट आज फैसला सुनाने वाली है. करीब आठ साल पहले हुए इस हत्याकांड में आरोपी बनाए गए दोनों सिपाहियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. कोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि दोनों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर न्यायालय का क्या निष्कर्ष है. विवेक तिवारी हत्याकांड के फैसले पर पीड़ित परिवार और मामले से जुड़े लोगों की नजरें टिकी हुई हैं.

Advertisement

दरअसल, 29 सितम्बर 2018 को लखनऊ में एप्पल कम्पनी में काम करने वाले मैनेजर विवेक तिवारी को पुलिस ने गोमती नगर में मार दिया था. आरोपी का कहना था कि विवेक तिवारी संदिग्ध रूप से गाड़ी में मौजूद थे और रोकने पर उन्होंने पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की थी. हालांकि बाद मे जांच में पता चला कि पुलिस ने लापरवाही में गोली चलाई थी. जबकि विवेक के पास कोई हथियार या संदिग्ध वस्तु नहीं थी. 

इस मामले में यूपी पुलिस और सरकार की फ़ज़ीहत भी हुई थी. बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर उसे नौकरी से निकाला गया था. पुलिस की गोली का शिकार हुए विवेक तिवारी की पत्नी को सरकार ने मकान और नौकरी भी दिलाया था. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »