चांदनी कुरैशी से लेकर यूट्यूबर मौलाना तक... ये हैं आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली धर्मांतरण केस के अहम किरदार

शामली के चर्चित आयुष मलिक उर्फ अली धर्मांतरण मामले में चांदनी कुरैशी, इस्लाम कुरैशी, तीन मौलवी और अन्य आरोपियों की भूमिका क्या है? जानिए केस के सभी अहम किरदार, गिरफ्तारी, SIT जांच और अब तक की कानूनी कार्रवाई की पूरी जानकारी.

Advertisement
इस मामले की जांच SIT कर रही है (फोटो-ITG) इस मामले की जांच SIT कर रही है (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली/शामली,
  • 09 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:07 PM IST

शामली के आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली के धर्मांतरण का मामला महज केवल पति-पत्नी के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संपत्ति, परिवार का दखल, मौलवियों की भूमिका और एक संगठित नेटवर्क के आरोपों की जांच भी शामिल हो गई है. पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर कई लोगों को नामजद किया है. हालांकि आयुष उर्फ अली ने खुद सामने आकर साफ कर दिया है कि उन्होंने खुद अपनी मर्जी से लगभग 12 साल पहले इस्लाम अपनाया था, जबकि उन्होंने चार साल पहले चांदनी के साथ शादी की थी. चलिए जान लेते हैं, इस मामले के अहम किरदार. 

Advertisement

आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली/रहमान
इस पूरे मामले का अहम किरदार है आयुष, जो शामली के काजीवाड़ा क्षेत्र के निवासी हैं. वह बी-फार्मा ग्रेजुएट बताए जाते हैं. उनके परिवार का मेडिकल स्टोर और शोरूम है. साथ ही इस परिवार के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति होने का दावा किया गया है. आयुष का कहना है कि उन्होंने अपनी इच्छा से करीब 12 साल पहले इस्लाम धर्म स्वीकार किया था. उन्होंने यह भी कहा कि चांदनी से उनका निकाह लगभग चार वर्ष पहले हुआ था. उन्होंने बिना किसी बहकावे और दबाव के इस्लाम धर्म अपनाया था. इसलिए अली उर्फ आयुष ने सार्वजनिक रूप से अपनी पत्नी चांदनी कुरैशी और ससुर की गिरफ्तारी का विरोध किया है. साथ ही अली ने दावा किया है कि उन पर दोबारा धर्म बदलने का दबाव बनाया जा रहा है. 

Advertisement

आयुष ऐसे बना अली
अली के मुताबिक, इस्लाम की ओर उनका सफर धीरे-धीरे शुरू हुआ और समय के साथ उसका विश्वास मजबूत होता गया. उसने बताया कि वो लंबे समय से यूट्यूब पर इस्लामिक विषयों से जुड़े वीडियो देखता था. खास तौर पर पाकिस्तान के प्रसिद्ध इस्लामिक स्कॉलर डॉ. इसरार अहमद के भाषणों का उस पर असर पड़ा. वो कई इस्लामिक विद्वानों को सुनता था. हालांकि, उसने इस आरोप को खारिज किया कि किसी ने उसका धर्म परिवर्तन करवाया. उसके शब्दों में, 'वो धर्म परिवर्तन नहीं करवाते थे, धर्म की बात करते थे. यदि कोई सुनकर प्रभावित हो जाए तो उसे धर्म परिवर्तन करवाना नहीं कहा जा सकता.' आयुष मलिक का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी मौलवी या धार्मिक संस्था का जुड़ाव नहीं था.

चांदनी कुरैशी
आयुष उर्फ अली ने चार साल पहले चांदनी कुरैशी से निकाह किया था. अब इस मामले की मुख्य आरोपी चांदनी को माना जा रहा है. पुलिस के अनुसार, आयुष उर्फ अली के पिता की शिकायत पर आयुष के कथित धर्मांतरण और निकाह से जुड़े आरोपों की जांच चल रही है. आयुष और चांदनी की मुलाकात पहले फिजियोथेरेपी सेंटर और बाद में जिम में होने की बात सामने आई है. फिलहाल, पुलिस ने चांदनी को गिरफ्तार किया हुआ है.

Advertisement

इस्लाम कुरैशी
चांदनी के साथ-साथ पुलिस ने उनके पिता इस्लाम कुरैशी को भी गिरफ्तार किया है. आरोप है कि कथित धर्मांतरण प्रक्रिया में उनकी भूमिका रही. पुलिस और तमाम मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वह इस मामले में नामजद आरोपियों में शामिल हैं. इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया है. 

तीन मौलवी
एफआईआर में तीन मौलवियों को भी नामजद किए जाने की जानकारी सामने आई है. आरोप है कि कथित धर्मांतरण और निकाह की प्रक्रिया में उन तीनों की भूमिका सामने आ रही है. पुलिस उन तीनों की भूमिका की जांच भी कर रही है.

दस लोगों के खिलाफ FIR
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कुल 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. आरोपियों में चांदनी कुरैशी, इस्लाम कुरैशी, तीन मौलवी और अन्य सहयोगी शामिल बताए गए हैं. पुलिस और जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मामला व्यक्तिगत संबंध का था या किसी संगठित नेटवर्क से जुड़ा हुआ है. 

देवराज मलिक
आयुष के पिता का नाम है देवराज मलिक. उनका आरोप है कि चांदनी ने प्रेम संबंधों के माध्यम से आयुष को प्रभावित किया और बाद में धर्मांतरण कराया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे का ब्रेनवॉश किया गया. उसे परिवार और संपत्ति से अलग कर दिया गया. उनका दावा है कि यह केवल प्रेम संबंध का मामला नहीं बल्कि आर्थिक हितों और धर्मांतरण से जुड़ी साजिश है. हालांकि उनके बेटे आयुष उर्फ अली ने खुद इन दावों को बेबुनियाद करार दिया है. आयुष मलिक के परिवार का दावा है कि उनके पास शामली में करोड़ों रुपये की संपत्तियां हैं. बताया जा रहा है, जिस शोरूम में आयुष फिलहाल रहता है उसकी कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी जाती है, जबकि शामली और आसपास के इलाकों में परिवार की कुल संपत्ति 50 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है.

Advertisement

स्वामी यशवीर
हिंदू संगठनों की ओर से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने वालों में स्वामी यशवीर का नाम शामिल है. उन्होंने प्रशासन से जांच की मांग की और कथित धर्मांतरण नेटवर्क की आशंका जताई है. उनकी इस मांग के बाद ही ये मामला सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा में आया.

एक केस, दो अलग दावे
परिवार और शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि आयुष का ब्रेनवॉश कर उसे धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया. जबकि आयुष उर्फ अली का पक्ष है कि उसने अपनी इच्छा से इस्लाम स्वीकार किया. चांदनी से निकाह किया. इस मामले में किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं था. वह पत्नी और ससुर की गिरफ्तारी को भी गलत बता रहा है.

इस मामले में आयुष उर्फ अली की पत्नी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया गया है. पूरे मामले की जांच स्पेशल टीम कर रही है. पुलिस यह जांच कर रही है कि धर्म परिवर्तन स्वेच्छा से हुआ या किसी प्रकार के प्रलोभन, दबाव, छल, विवाह अथवा संगठित प्रयास के जरिए कराया गया. यह जांच उत्तर प्रदेश के अवैध धर्मांतरण विरोधी कानून के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »