नागपुर में 16 वर्षीय कक्षा 12 की छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म मामले में पुलिस जांच के दौरान आरोपी के अजीब रवैये की बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक आरोपी हिरासत में पिज्जा, प्रीमियम खाना, बिस्तर और मच्छर भगाने वाले साधनों की मांग कर रहा है. साथ ही वह लॉकअप की गंदी दीवारों और अस्वच्छ शौचालयों को लेकर भी शिकायत कर रहा है.
इस मामले में शहर की हुडकेश्वर पुलिस ने निर्भय उर्फ आकाश माधव पाखरे को गिरफ्तार किया है. आरोपी 19 साल का है और ठाणे शहर का रहने वाला बताया गया है. उस पर हत्या के प्रयास और पॉक्सो अधिनियम के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
यह भी पढ़ें: 30 धारदार हथियार, गले पर चाकू और 16 साल की लड़की से रेप, नागपुर में फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से बुना गया खौफनाक जाल
पुलिस के मुताबिक, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी की 16 वर्षीय बेटी को सोमवार देर रात नागपुर के दिघोरी इलाके के एक किराए के फ्लैट से बरामद किया गया था. पुलिस का कहना है कि युवती को 24 घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा गया. उसके साथ बार बार दुष्कर्म किया गया, घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई, उसे कोड़े से पीटा गया और चाकू से घायल भी किया गया.
आरोपी ने बनाई दुष्कर्म की वीडियो, किया ब्लैकमेल
जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर नाबालिग को नशीले पदार्थ मिलाकर चॉकलेट खिलाई. इसके बाद लंबे समय तक उसका यौन उत्पीड़न किया गया और उसे ब्लैकमेल किया गया. पुलिस का यह भी कहना है कि आरोपी ने कथित तौर पर दुष्कर्म की वीडियो बनाई. उसके पास से पीड़िता की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो भी मिले हैं.
यह भी पढ़ें: असम में 16 साल की नाबालिग लड़की का रेप के बाद मर्डर, पूर्व प्रेमी समेत तीन किशोर गिरफ्तार
आरोपी ने रख लिया था पीड़िता का फोन
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने जांच के लिए ले जाए जाने से पहले मेडिकल टेस्ट कराने से इनकार कर दिया. उसने अपना मोबाइल फोन और पीड़िता के फोन का पासवर्ड बताने से भी मना कर दिया. पुलिस के मुताबिक, कथित तौर पर पीड़िता की अपहरण के दौरान दोनों फोन उसी के कब्जे में थे. जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रहा है.
हुडकेश्वर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने आज तक को बताया कि आरोपी लॉकअप की परिस्थितियों को लेकर लगातार शिकायत कर रहा है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. इस केस में अपहरण, दुष्कर्म, कथित वीडियो रिकॉर्डिंग, ब्लैकमेल और जांच में असहयोग जैसे कई गंभीर आरोपों की पड़ताल की जा रही है.
योगेश पांडे