गुजरात के गांधीनगर में हुई एक हाईप्रोफाइल चोरी ने पुलिस को भी हैरान कर दिया. एक ऐसा चोर ने बंद घर को निशाना बनाकर 1 करोड़ रुपये की चोरी कर डाली. लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के चलते यह मामला महज 24 घंटे के भीतर सुलझ गया. खास बात यह रही कि घर के मालिक को चोरी की जानकारी भी तब मिली, जब आरोपी गिरफ्तार हो चुका था.
ये कहानी एक ऐसे शातिर चोर की है, जो हमेशा प्रोफेशनल लुक में रहता था और अपनी ही कार से वारदात को अंजाम दिया करता था. मामला गांधीनगर के सेक्टर-2 का है. जहां बुधवार देर रात एक बंद घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया. आरोपी ने बेहद प्लानिंग के साथ घर में सेंध लगाई और वहां रखी नकदी, अमेरिकी डॉलर और सोने-चांदी के आभूषण चुरा लिए. कुल मिलाकर चोरी की रकम करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई.
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. वो इतना चालाक था कि आसपास के लोगों को भी कोई शक नहीं हुआ. पुलिस को शुरुआती जांच में यह मामला हाईप्रोफाइल लगा. चोरी की इस बड़ी घटना के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और टेक्निकल सर्विलांस के साथ-साथ मुखबिरों का नेटवर्क सक्रिय किया.
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नारोल के रंगोली नगर में रहने वाला मालाभाई समेचा काफी समय बाद अपने घर लौटा है. इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसके घर पर छापा मारा. वहां पहुंचते ही पुलिस को कुछ संदिग्ध चीजें दिखाई दीं, जिससे शक और गहरा हो गया. जब पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली तो वहां एक टूटा हुआ सेफ लॉकर मिला. इसके अलावा घर में भारी मात्रा में गहने और नकदी भी बरामद हुई.
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की. शुरुआत में वह टालमटोल करता रहा, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद वो टूट गया और उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली. इस तरह पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही इस हाईप्रोफाइल केस को सुलझा लिया.
पुलिस ने आरोपी के घर से कुल 1 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की. इसमें 92.28 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने शामिल थे. इसके अलावा 7600 अमेरिकी डॉलर भी मिले, जिनकी भारतीय कीमत करीब 7.14 लाख रुपये है. साथ ही चोरी में इस्तेमाल की गई कार, एक मोबाइल फोन और टूटी हुई तिजोरी भी जब्त की गई. इतनी बड़ी बरामदगी ने पुलिस को भी हैरान कर दिया.
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घर के मालिक को चोरी की जानकारी ही नहीं थी. पुलिस ने जब आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और पूरा सामान बरामद कर लिया, तब जाकर मकान मालिक को सूचना दी गई. गुजरात पुलिस के इतिहास में यह एक बेहद दुर्लभ मामला माना जा रहा है, जहां चोरी की जानकारी आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सामने आई.
जांच में सामने आया कि मालाभाई समेचा एक आदतन अपराधी है और साल 2017 से अब तक वह अकेले ही 21 घरों में चोरी कर चुका है. उसने बनासकांठा, गांधीधाम, सुरेंद्रनगर, मणिनगर, चांदखेड़ा, कच्छ-पूर्व, पाटण, भचाऊ, गांधीनगर और राधनपुर समेत कई जिलों में वारदातों को अंजाम दिया. वह हर बार नई जगह और नए तरीके से चोरी करता था, जिससे पुलिस के लिए उसे पकड़ना मुश्किल हो जाता था.
आरोपी की सबसे खास बात उसका प्रोफेशनल लुक था. वह हमेशा बिजनेस सूट पहनकर निकलता था और अपनी कार खुद चलाता था. कार में वह अपने सभी जरूरी दस्तावेज जैसे आरसी बुक, पीयूसी और ड्राइविंग लाइसेंस रखता था. अगर रास्ते में पुलिस उसे रोकती, तो वह तुरंत दस्तावेज दिखाकर निकल जाता था. इस वजह से किसी को उस पर शक नहीं होता था कि वह एक शातिर चोर है.
आरोपी ने चोरी के लिए अपने कुछ नियम भी बना रखे थे. वह कभी अपने पड़ोस में चोरी नहीं करता था और न ही किसी से झगड़ा करता था. पिछले नौ सालों में उसने कभी किसी साथी को अपने साथ नहीं रखा. उसका मानना था कि साथी रखने से चोरी के माल में हिस्सेदारी करनी पड़ती है और विवाद बढ़ते हैं. इसी सोच के साथ वह अकेले ही अपराध करता रहा, लेकिन आखिरकार पुलिस के जाल में फंस गया.
ब्रिजेश दोशी