छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां पारिवारिक संपत्ति विवाद में एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई. मरने वालों में एक बुजुर्ग दंपति और उनके दो पोते-पोतियां शामिल हैं. पुलिस ने इस मामले में मृतक दंपति के बेटे और पोते को हिरासत में लिया है. शुरुआती जांच में संपत्ति हथियाने की साजिश का खुलासा हुआ है.
यह खौफनाक वारदात शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के भनवतरा गांव में हुई. पुलिस के मुताबिक मृतकों के शव उनके निर्माणाधीन मकान के अंदर मिले. गुरुवार सुबह जब मजदूर काम करने के लिए वहां पहुंचे तो घर के अंदर चारों के शव पड़े देखकर दहशत फैल गई. इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर जांच शुरू की गई.
मृतकों की पहचान 70 वर्षीय मेदनी प्रसाद कश्यप, उनकी पत्नी 65 वर्षीय कांती बाई, 17 वर्षीय पीतांबर कश्यप और 25 वर्षीय मोगरा के रूप में हुई है. पीतांबर और मोगरा दोनों उनके पोते-पोती थे. पुलिस अधिकारियों के अनुसार परिवार के सभी सदस्य निर्माणाधीन घर में सो रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया.
जांच के दौरान पुलिस ने मेदनी प्रसाद के बेटे सोनसाई और उसके बेटे दकेश्वर उर्फ गोलू को हिरासत में लिया. आरोप है कि दोनों ने सोते समय कुल्हाड़ी से हमला कर चारों की हत्या कर दी. पुलिस को शक है कि आरोपियों ने परिवार की पूरी संपत्ति पर कब्जा करने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया. मामले में कई अहम सबूत भी जुटाए गए हैं.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मेदनी प्रसाद के तीन बेटे थे, जिनमें एक सोनसाई है. बताया गया कि सोनसाई पहले भी अपने एक भाई की हत्या के मामले में जेल जा चुका है. उसने उस केस में करीब 15 साल की सजा काटी थी. वहीं परिवार के तीसरे बेटे की कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हो चुकी है. इस पारिवारिक इतिहास ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है.
अधिकारियों के मुताबिक पीतांबर अपने मृत चाचा का इकलौता बेटा था, जबकि मोगरा दूसरे मृत भाई की इकलौती बेटी थी. पुलिस को आशंका है कि संपत्ति के बाकी दावेदारों को खत्म करने के इरादे से ही दोनों बच्चों की भी हत्या की गई. इस एंगल से पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.
फिलहाल पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों से पूछताछ जारी है. घटनास्थल से फॉरेंसिक सबूत भी जुटाए गए हैं. इस सामूहिक हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. ग्रामीणों के मुताबिक परिवार के भीतर लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था, जो आखिरकार चार लोगों की जान लेने वाली खूनी वारदात में बदल गया.
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