अधूरी रह गई बागपत की ये प्रेम कहानी, घरवालों ने ही कर दिया सानिया का मर्डर... दहला देगी पूरी कहानी

Honour Killing: अलग धर्मों से ताल्लुक रखने वाले सागर और सानिया के प्यार का अंत एक खूनी कहानी बन गया. लड़की के ताऊ, चाचा और रिश्तेदारों ने गला घोंटकर उसकी हत्या की और फिर लाश को चुपचाप दफ्ना दिया. पुलिस ने कब्र से लाश निकालकर मामले की जांच शुरू की है.

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पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 लोगों को पकड़ा है (फोटो- ITG) पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 लोगों को पकड़ा है (फोटो- ITG)

aajtak.in

  • बागपत,
  • 29 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 10:36 PM IST

Baghpat Interfaith Love Story Saniya Murder Case: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से दिल दहला देने वाला ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है. 17 साल की सानिया ने अपने प्रेमी सागर के साथ घर से भागकर शादी की जिद की थी. लेकिन अलग धर्म के चलते परिवार वालों ने इस प्यार को बर्दाश्त नहीं किया. रिश्तेदारों ने लड़की की बेरहमी से हत्या कर उसकी लाश गांव के कब्रिस्तान में दफ्ना दी. सागर के पिता की गुहार पर जब कब्र खोदी गई तो बेपनाह प्यार और नफरत की दबी हुई कहानी बाहर आ गई. 

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26 जुलाई 2025, सुबह 10 बजे
बागपत जिले का पालड़ी गांव में उस दिन एक अजीब सी हलचल थी. क्योंकि सुबह-सुबह गांव में पुलिस और जिला प्रशासन की एक टीम आ धमकी थी. तमाम गलियों से होती हुई ये टीम बिल्कुल गांव के आखिरी छोर पर मौजूद कब्रिस्तान के पास जा कर रुकी. अफसरों का इशारा मिलते ही मजदूर हाथों में कुदाल और फावड़ा लिए एक खास जगह की खुदाई करने लगे. 

जमीन से बाहर निकली एक लाश
करीब आधे घंटे तक खुदाई चली. जैसे-जैसे गड्ढा गहरा होता गया, आस-पास मौजूद लोगों को अपने चेहरे पर मास्क लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा. आखिरकार, करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद मजदूर कब्र के अंदर से एक लाश बाहर निकालने में कामयाब हो हुए. सफेद कपड़ों से लिपटी ये लाश गड्ढे से निकाल कर बाहर रखी गई और पुलिस वाले उसका गौर से मुआयना कर लगे. इस तरह शुरुआती फॉर्मेलिटीज के बाद पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया. अब सवाल ये था कि आखिर वो कब्र किसकी थी? कब्र में दफ्न उस लाश को पुलिस ने बाहर क्यों निकलवाया? आखिर उसकी मौत का रहस्य क्या था?

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पुलिस की लापरवाही देखर बनाया वीडियो
तो इस कहानी की शुरुआत होती है बागपत पुलिस को 23 जुलाई की रात को मिली एक शिकायत से, जिसमें पालड़ी गांव के रहने वाले एक परिवार ने ना सिर्फ गांव की ही एक लड़की की हत्या की आशंका जताई थी, बल्कि खुद अपनी भी जान-माल को खतरा बताया था. हालांकि जैसा कि अमूमन होता है, पुलिस इस शिकायत के बावजूद अपने कानों में तेल डाल कर सोती रही और तब उसी परिवार के एक वीडियो पुलिस के साथ-साथ शासन प्रशासन के तमाम अफसरों को मानों झकझोर कर नींद से जगा दिया. ये वीडियो था गांव के ही रहने वाले रामपाल नाम के एक शख्स का, जो कत्ल की इस वारदात का खुलासा कर रहा था. 

सागर और सानिया की कहानी
रामपाल अपने वीडियो में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत शासन प्रशासन के तमाम आलाधिकारियों से हाथ जोड़ कर फरियाद कर रहा था. रामपाल असल में 19 साल के एक लड़के सागर कश्यप का पिता है. जबकि गांव में कब्र से जो लाश खोद कर बाहर निकली गई, वो लाश 17 साल की लड़की सानिया की थी. और ये कहानी इसी सागर और सानिया के इर्द गिर्द घूमती है. 

सानिया को घर से भगा ले गया था सागर
असल में सागर और सानिया अलग-अलग समुदाय से होने के बावजूद ना सिर्फ एक दूसरे से प्यार करते थे, बल्कि कुछ रोज पहले 16 जुलाई को सानिया, सागर के साथ हिमाचल प्रदेश भाग गई थी. सागर हिंदू है, जबकि सानिया मुस्लिम. सागर और उसके परिवार के लोग हिमाचल प्रदेश के ऊना में रह कर काम किया करते थे. कुछ दिन पहले सागर अपने गांव आया था और फिर सानिया उसके साथ घर से चली गई.

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घरवाले पकड़कर लाए थे वापस
बस.. फिर क्या था? इसके बाद सानिया के घर वाले दोनों का पीछा करते हुए हिमाचल प्रदेश पहुंचे और वहां से मारते-पीटते दोनों को वापस गांव लेकर आ गए. यहां सानिया के घरवालों ने ना सिर्फ सागर और उसके घरवालों को बंधक बना कर उनके साथ पूरे-पूरे दिन मारपीट की, बल्कि खुद अपनी बेटी के साथ भी वही सलूक किया. 

सानिया के साथ जमकर हुई मारपीट 
सानिया के घर वाले खास कर उसका ताऊ और चचेरे भाई उसकी शादी कहीं और करना चाहते थे, जबकि सानिया, सागर के साथ ही शादी करने की जिद पर अड़ी थी. ऐसे में पहले 16 और 17 जुलाई को सानिया के साथ मारपीट हुई और फिर 23 जुलाई को फिर से सानिया के रिश्तेदारों ने उसे पीटना शुरू कर दिया. 

गला घोंटकर किया सानिया का मर्डर
हालत ये हुई कि अपनी आंखों के सामने अपनी सानिया पर हो रहे बर्बर अत्याचार को देख कर खुद सानिया के माता-पिता भी घबरा गए और उन्होंने अपने रिश्तेदारों से सानिया की जान बख्श देने की फरियाद की. लेकिन इल्जाम है कि इसके बावजूद रिश्तेदारों का जुल्म जारी रहा और आखिरकार उन्होंने गला घोंट कर सानिया की जान ले ली.

सानिया की मौत के पीछे टीबी का बहाना
अब लड़की का कत्ल हो चुका था. लेकिन लाश को ठिकाने लगाने की बड़ी चुनौती पैदा चुकी थी. गांव के लोगों को सागर और सानिया के अफेयर का भी पता था और सागर और सानिया के साथ हुए इस जुल्म का भी. ऐसे में लाश के साथ-साथ कत्ल के राज को दफनाने के लिए सानिया के रिश्तेदारों को एक कहानी की भी दरकार थी और वो कहानी बनी ट्यूबरक्लोसिस यानी टीबी की बीमारी की. सानिया के घर वालों ने टीबी से सानिया की मौत होने की बात कही. 

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सब कुछ जानते हुए भी नहीं की पुलिस से शिकायत
इसके बाद घरवाले उसकी लाश को लेकर 23 जुलाई को ही गांव के कब्रिस्तान पहुंच गए. वहां आनन-फानन में कब्र खोदी गई और सानिया की लाश को दफ्ना दिया गया. लेकिन कफन-दफ्न के दौरान जब लोगों की नजर सानिया की लाश पर पड़ी तो वो चौंक गए. लाश पर गला घोंटे जाने और मरने से पहले उसके साथ मारपीट किए जाने के निशान साफ-साफ नजर आ रहे थे. ये और बात है कि ये सबकुछ देखने के बावजूद गांव वालों ने पुलिस से इसकी कोई शिकायत नहीं की.

सागर के परिवार को सता रहा था ये डर
लेकिन उधर सानिया के घरवालों की मारपीट और जान से मारने की धमकी से घबराया सागर का परिवार परेशान था. उन्हें दोहरा खतरा सता रहा था. एक तो वो सानिया के घरवालों से ही डरे हुए थे, दूसरा ये कि उन्हें ये लग रहा था कि कहीं कल को कत्ल का मामला खुल गया, तो इस मामले में कहीं उन्हीं को ना फंसा दिया जाए. 

रामपाल ने वीडियो बनाकर लगाई गुहार
लिहाजा, सागर के पिता रामपाल कश्यप ने 23 और 24 जुलाई की दरम्यानी रात को ही पुलिस को फोन कर पूरी वारदात की जानकारी दी. इसके बाद पुलिस ने सानिया के ताऊ मतलूब को तो हिरासत में ले लिया, लेकिन कब्र की खुदाई और मामले की तफ्तीश को लेकर कोई खास प्रगति नहीं हुई. और तब रामपाल ने वीडियो जारी कर गुहार लगाई. जिसके बाद सही मायने में मामले की जांच शुरू हुई, जिले की डीएम ने कब्र से लाश खोद कर बाहर निकालने का हुक्म दिया और एसडीएम की मौजूदगी में 26 जुलाई को आखिरकार मिट्टी खोद कर सानिया की लाश को बाहर निकाल लिया गया.

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सागर के बयान दर्ज करने की तैयारी
बागपत के पुलिस अधीक्षक (SP) सूरज कुमार राय के मुताबिक, फिलहाल पुलिस ने लड़की की लाश को तो जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है. लेकिन लड़की के घरवालों की ज्यादती और मारपीट का शिकार बनने के बाद सागर फिर से ऊना चला गया. जिसे अब बागपत की पुलिस फिर से वापस लाने की तैयारी कर रही है. ताकि उसका उसका बयान दर्ज कर मामले की तफ्तीश आगे बढ़ाई जा सके.

सानिया के घरवालों ने उठाया दबदबे का फायदा 
बागपत का ये गांव मुस्लिम बहुल है. ऊपर से सानिया के परिवार के बारे में बताया जाता है कि उसके दादा एक राजनीतिक पार्टी के स्थानीय नेता हुआ करते थे, जिसके चलते गांव में उसके बेटे यानी सानिया के पिता और ताऊ का अच्छा दबदबा था. इल्जाम है कि इसी दबदबे के फायदा उठा कर सानिया के घरवालों ने ना सिर्फ सागर के घर वालों के साथ मारपीट की, उन्हें जान से मारने की धमकी दी, बल्कि झूठी शान के चक्कर में खुद अपनी भी बेटी का कत्ल कर दिया.

सानिया के ताऊ, चाचा समेत 6 लोग गिरफ्तार
फिलहाल, पुलिस ने इस सिलसिले में लड़की के ताऊ और चचेरे भाइयों समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ और लोगों की तलाश चल रही है. लेकिन इस दौर में जब दुनिया में बैठे-बैठे लोग दूसरे ग्रहों की जमीन नापने में लगे हैं, सिर्फ जात-धर्म के आधार पर एक परिवार के द्वारा अपनी ही बेटी के कत्ल की इस वारदात ने लोगों को झकझोर दिया है.

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(बागपत से मनुदेव उपाध्याय का इनपुट)

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