रोजगार और निवेश पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, बनेंगी कैबिनेट कमेटियां

मोदी सरकार ने निवेश और रोजगार पर कैबिनेट कमेटियां बनाने का फैसला लिया है. केंद्रीय कैबिनेट ने इन कमेटियों के गठन को मंजूरी दे दी है और राष्ट्रपति के पास सिफारिश भेजी जा चुकी है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Courtesy- Narendramodi.in) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Courtesy- Narendramodi.in)

aajtak.in / राहुल श्रीवास्तव

  • नई दिल्ली,
  • 05 जून 2019,
  • अपडेटेड 6:36 PM IST

लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करके दूसरी बार सत्ता में काबिज होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निवेश और रोजगार को लेकर बड़ा फैसला लिया है. उनकी सरकार निवेश और रोजगार को लेकर कैबिनेट कमेटियों का गठन करेगी. निवेश को लेकर बनने वाली कैबिनेट कमेटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और रेलमंत्री पीयूष गोयल के अलावा केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री शामिल होंगे.

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वहीं, रोजगार और कौशल विकास को लेकर बनने वाली केंद्रीय कैबिनेट कमेटी में 10 मंत्रियों को शामिल किया जाएगा. इस कैबिनेट कमेटी का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद करेंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत अन्य इस कमेटी के सदस्य होंगे.

इससे पहले केंद्रीय कैबिनेट ने इन कमेटियों के गठन को मंजूरी दे दी है. इसकी सिफारिश राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजी जा चुकी है. वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसकी अधिसूचना जारी करने के लिए कैबिनेट सचिव को भेज दी है. इसके अलावा मोदी सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण कराने की भी तैयारी शुरू कर दी है. यह आर्थिक सर्वेक्षण पहले ठेले, रेहड़ी और छोटा-मोटा कारोबार करने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए कराया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक आर्थिक सर्वेक्षण जून के आखिरी हफ्ते में शुरू होगा.

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बताया जा रहा है कि इससे जनवरी 2020 तक देश के सात करोड़ असंगठित रोजगारों की तस्वीर साफ हो जाएगी. इसके बाद सरकार इस सर्वेक्षण के आंकड़ों के आधार पर रोजगार को लेकर आगामी रणनीति तैयार करेगी.

इससे पहले मोदी सरकार की ताजपोशी के बाद शुक्रवार को केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने जीडीपी और रोजगार से जुड़े आंकड़े जारी किए, जिसमें देश की जीडीपी दर में चौथी तिमाही में गिरावट देखने को मिली. जनवरी-मार्च में जीडीपी दर घटकर 5.8 फीसदी के निचले स्तर पर पहुंच गई. कृषि, उद्योग और मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में मंदी के चलते जीडीपी दर में ये गिरावट दर्ज की गई है.

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आकंड़े के मुताबिक बेरोजगारी की दर 45 साल के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई है. इसके अलावा 31 मार्च 2019 के आखिर में राजकोषीय घाटा 6.45 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया. हालांकि बजट में राजकोषीय घाटा 6.34 लाख करोड़ रुपये रहने का संशोधित पूर्वानुमान जताया गया था.

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