अमेरिका और ईरान में युद्ध फिर तेज हो गया है और ग्लोबल टेंशन चरम पर पहुंच गई है. दोनों देशों के बीच ड्रोन-मिसाइल अटैक का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान को समझौते में देरी की भारी कीमत चुकाने की धमकी दी, तो ईरान भी हार मानने को तैयार नजर नहीं आ रहा है. ये तनातनी ने कच्चे तेल की कीमतों में फिर से आग लगाती हुई दिखाई दे रही है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Crude Oil Price में उथल-पुथल दिखने लगी है.
लंबे समय बाद बीते दिनों कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के नीचे खिसकी थी, लेकिन अब इसमें फिर से उछाल आना शुरू हो गया है. इस बीच अमेरिकी हमलों के चलते ईरान ने फिर से होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह सील करने का ऐलान कर दिया है, जिससे तेल-गैस का संकट गहराने के जोखिम से दुनिया के तमाम देश सहमे हुए हैं.
ट्रंप की धमकियां, ईरान का पलटवार
एक ओर जहां मिडिल ईस्ट में जंग तेज हो गई है, तो वहीं दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी धमकियों का सिलसिला फिर से शुरू कर दिया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में उन्होंने ईरान को फ्रेश वॉर्निंग देते हुए शांति समझौते पर बातचीत में देरी को लेकर ईरान पर हमला बोला. ट्रंप ने कहा कि ईरानी सेना पूरी तरह से हार चुकी है. फिर भी ईरान समझौते पर बातचीत के लिए लंबा समय लगा रहा है, इसकी कीमत उसे चुकानी होगी. उन्होंने कहा कि ये करार उसके लिए ही फायदेमंद होता.
जहां ट्रंप ने धमकी दी है, तो वहीं ईरान भी कम नहीं है और पलटवार करते हुए अमेरिकी ठिकानों पर हमले तेज कर दिए. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि 'ईरानी सेना किसी भी हमले या खतरे का जवाब दिए बिना नहीं रहेगी.'
बता दें कि अमेरिका लगातार तेल पल निर्भर ईरान की इकोनॉमी की रीढ़ पर हमला कर रहा है और उसके निशाने पर होर्मुज स्ट्रेट के आसपास के बंदर अब्बास जैसे ऑयल साइट्स हैं, जो कि ईरानी तेल के निर्यात के लिए सबसे अहम हैं.
टेंशन ही नहीं, कच्चे तेल के दाम भी बढ़े
US-Iran War Tension के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उबाल आना शुरू हो गया. ब्रेंट क्रूड का दाम बीते दिनों की गिरावट छोड़ अचानक उछलकर 95 डॉलर प्रति बैरल पर जा पहुंचा, तो वहीं WTI Crude Oil Price भी तेजी से आगे बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. यही नहीं नेचुरल गैस की कीमत भी बढ़ रही है.
कच्चे तेल की कीमत में अचानक आ रहा ये उछाल दुनिया में महंगाई का खतरा बढ़ाने वाला है. तमाम एक्सपर्ट 100 दिन से ज्यादा समय से जारी इस युद्ध के लंबा खिंचने पर तेल आयात पर निर्भर देशों में भयंकर महंगाई की आशंका जता चुके हैं.
ईरान के इस ऐलान ने बढ़ाई चिंता
मिडिल ईस्ट में तनाव गहराने के बीच अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने दुनिया की कुल तेल जरूरत के 20 फीसदी की आपूर्ति करने के लिए अहम होर्मुज स्ट्रेट को फिर से सील करने का ऐलान कर दिया. ईरान के इस ऐलान से एक बार फिर तमाम देश सहम गए हैं.
ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया. ईरान ने चेतावनी दी है कि अब तेल टैंकरों और कारोबारी जहाजों समेत कोई भी पोत इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की कोशिश करेगा तो उस पर हमला किया जाएगा. ऐसे में दुनिया में Oil-Gas Crisis फिर से गहराता हुआ नजर आ रहा है.
दीपक चतुर्वेदी