यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) का इस्तेमाल भारत के साथ-साथ अब विदेशों में भी तेजी से बढ़ रहा है. जुलाई 2026 में UPI के जरिए ₹29.87 लाख करोड़ के ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए गए. वहीं, UPI की इंटरनेशनल पहुंच अब 11 देशों तक हो गई है. ग्रीस और मालदीव इस सूची में शामिल होने वाले सबसे नए देश हैं. सरकार ने UPI को भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम की बैकबोन बताया गया है.
सरकार के मुताबिक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) का UPI पिछले एक दशक में करीब 12,000 गुना बढ़ा है और अब डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का एक अहम हिस्सा बन चुका है. जून 2025 में जारी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में दुनियाभर के रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में UPI की हिस्सेदारी करीब 49% थी. इससे UPI की वैश्विक स्तर पर बढ़ती भूमिका का अंदाजा लगाया जा सकता है.
भारत के UPI की अब 11 देशों में पहुंच
UPI अब क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट के लिए कई देशों में उपलब्ध है. भूटान, नेपाल, सिंगापुर, यूएई और फ्रांस में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा श्रीलंका, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव में भी UPI ऑपरेशनल है. सरकार के मुताबिक, ग्रीस और मालदीव UPI के इंटरनेशनल एक्सपेंशन में सबसे नए नाम हैं.
2020 से 2022 के बीच हुए बड़े बदलाव
UPI में 2020 से 2022 के बीच कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए. UPI AutoPay की शुरुआत हुई, जिससे EMI, SIP और दूसरे रिकरिंग पेमेंट को आसान बनाया गया. वहीं, UPI 123PAY के जरिए फीचर फोन यूजर्स को IVR और मिस्ड कॉल जैसे विकल्पों से डिजिटल पेमेंट की सुविधा मिली. इसी दौरान UPI Lite भी लॉन्च किया गया. बाद में क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़ने की सुविधा आई और भूटान में UPI का इंटरनेशनल डेब्यू हुआ.
2024 में UPI Circle समेत कई चेंज
2024 में UPI Circle लॉन्च किया गया, जिसके जरिए डेलीगेटेड पेमेंट की सुविधा दी गई. इसके तहत कोई व्यक्ति अपने UPI अकाउंट से दूसरे व्यक्ति को तय सीमा के भीतर पेमेंट करने की अनुमति दे सकता है. इसी साल RBI ने UPI के जरिए टैक्स पेमेंट की सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी. UPI 123PAY की ट्रांजैक्शन लिमिट भी बढ़ाकर ₹10,000 की गई. वहीं, UPI Lite वॉलेट की सीमा ₹5,000 और प्रति ट्रांजैक्शन लिमिट ₹1,000 कर दी गई.
2025 में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन शुरू
2025 में UPI में ऑन-डिवाइस बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का विकल्प जोड़ा गया. इसके अलावा UPI PIN सेट करने के लिए आधार-बेस्ड फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा भी शामिल की गई. सरकार के मुताबिक, इन बदलावों से यूजर्स के लिए ऑथेंटिकेशन के विकल्प बढ़े हैं. सरकार का कहना है कि UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भारत के डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दिखाता है. सरकार ने इसके इंटरऑपरेबिलिटी आधारित मॉडल को भी इस विस्तार की अहम वजह बताया है.
मंजीत नेगी