अमेरिका और ईरान के बीच जंग बढ़ने और होर्मुज् से जहाजों के आवाजाही को लेकर तनाव बने रहने के बीच, इराक ने एक बड़ी डील कर डाली है. इसे होर्मुज के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है. इराक ने कई तेल कंपनियों के साथ दर्जनों समझौते किए हैं, जिनमें एक एनर्जी सप्लाई रास्ते को बहाल करना भी शामिल है.
इस रास्ते से इराक अपने तेल का निर्यात करने के लिए कर सकता है. इसके लिए होर्मुज से होकर गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी. इराक पाइपलाइन के माध्यम से तेल और गैस की सप्लाई करेगा और दुनिया को तेल की आपूार्ति करेगा.
अल जजीरा के अनुसार, शुक्रवार को वाशिंगटन डीसी में US चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित संयुक्त राज्य अमेरिका-इराक व्यापार शिखर सम्मेलन में ये डील फाइनल हुए हैं. इस डील के सहारे बगदाद होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी निर्भरता से दूर होने की कोशिश कर रहा है.
होर्मुज को इग्नोर करते हुए कैसे तेल सप्लाई करेगा इराक
इराक, सबसे बड़े तेल निर्यातकों में से एक रहा है. हालांकि, 2003 के बाद अमेरिका हमले के कारण इराक और सीरिया के बीच पाइपलाइन को बंद किए जाने से इसके तेल का निर्यात कम हो गया था. लेकिन अब इस पाइपलाइन को फिर से शुरू करने के लिए समझौता हुआ है.
अमेरिकी कंपनी की मदद से शुरू होगी ये पाइपलाइन
यह पाइपलाइन इराक के किरकुक क्षेत्र से सीरिया के भूमध्यसागरीय बंदरगाह बनियास के बीच है. यह पाइपलाइन इराकी तेल उत्पादन को भूमध्य सागर और उससे आगे के निर्यात बाजारों से जोड़ेगी. इराक की सरकारी समाचार एजेंसी अल जज़ीरा के हवाले से बताया गया है कि दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत पुनर्निर्माण परियोजना का कार्य अमेरिकी ऊर्जा कंपनी शेवरॉन द्वारा किया जाएगा.
AFP से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने के बाद, अमेरिकी विदेश विभाग ने इस कदम की सराहना की और कहा कि इराक-सीरिया कच्चे तेल की पाइपलाइन एक 'प्राथमिकता वाली अवसंरचना परियोजना' होगी. कच्चे तेल परियोजना के 'द्विपक्षीय और क्षेत्रीय रणनीतिक महत्व' पर जोर देते हुए, अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान जारी कर कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका इराक की सरकार और सीरियाई अरब की सरकार द्वारा इराक-सीरिया कच्चे तेल पाइपलाइन के पुनर्वास और पुनर्निर्माण को एक प्राथमिकता वाली अवसंरचना परियोजना के रूप में आगे बढ़ाने के इरादे का स्वागत करता है.
2 मिलियन बैरल तेल सप्लाई की क्षमता
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, वाशिंगटन इस परियोजना के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संघ की देखरेख कर रहा है, जिसके पूरी तरह से शुरू होने के बाद हरदिन 2 मिलियन बैरल कच्चे तेल की प्रारंभिक परिवहन क्षमता होने की उम्मीद है. तेल पाइपलाइन की बहाली की घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी वाशिंगटन की यात्रा पर हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके नेतृत्व की प्रशंसा की है.
आजतक बिजनेस डेस्क