जंग शुरू होने के बाद से ही भारत में गंभीर संकट आता हुआ दिखाई दे रहा है. ग्लोबल निवेश फर्म गोल्डमैन सैक्स ने भारत को लेकर ये अनुमान लगाया है. उसने भारत की अर्थव्यवस्था की ग्रोथ में कमी का अनुमान लगाया है. साथ ही रुपये में भी गिरावट और महंगाई तेजी से बढ़ने की चेतावनी दी है.
गोल्डमैन सैक्स ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि अर्थव्यवस्था को भारतीय रुपये के गिरने के कारण जूझना पड़ रहा है, इसलिए आरबीआई रेपो रेट्स में 50 बेसिस पॉइंट का इजाफा कर सकता है.
अर्थव्यवस्था का अनुमान घटाया
गोल्डमैन ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा कि उसने कैलेंडर वर्ष 2026 में भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट 5.9% रहने का अनुमान लगाया है, जबकि ईरान वॉर से पहले उसने 7 फीसदी का अनुमान लगाया था. वॉल स्ट्रीट के इस बैंक ने 13 मार्च को साउथ एशिया की अर्थव्यवस्था के लिए अपने ग्रोथ अनुमान को घटाकर 6.5% कर दिया था.
गोल्डमैन के एक्सपर्ट्स द्वारा विकास अनुमान में की गई यह नई कटौती तेल की कीमतों और आपूर्ति में रुकावट में बदलाव के बाद हुई है. कच्चे तेल की ऊंची कीमतें ऊर्जा आयातक देश भारत के लिए विदेशी मुद्रा, महंगाई और फंड रिस्क एक प्रमुख कारण हैं.
अप्रैल तक जारी रहेगी रुकावट
गोल्डमैन का अनुमान है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल प्रवाह का लगभग पूरी तरह से ठप होना अप्रैल के मध्य तक जारी रहेगा, जिसके बाद अगले 30 दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी. ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें मार्च में औसतन 105 डॉलर और अप्रैल में 115 डॉलर रहेंगी, जिसके बाद साल की चौथी तिमाही में गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल हो जाएंगी.
भारत में महंगाई
बैंक के एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि भारत में महंगाई 2026 में बढ़कर 4.6% हो जाएगी, जबकि पहले उन्होंने 3.9% की महंगाई का अनुमान लगाया गया था. गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि तेजी के बाद भी महंगाई आरबीआई 2-6% के सहनशीलता दायरे के भीतर रहेगी.
रुपये में गिरावट
ग्लोबल बैंक ने कहा कि आरबीआई रुपये के गिरावट को रोकने के लिए ब्याज दरों में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करेगा. गोल्डमैन ने कहा कि रुपये में पिछले साल 4.7% की गिरावट के बाद, 2026 में अब तक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4% की गिरावट आई है. बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत का चालू खाता घाटा 2026 में जीडीपी के 2% तक बढ़ सकता है. अक्टूबर-दिसंबर 2025 में भारत का चालू खाता घाटा जीडीपी का 1.3% था.
आजतक बिजनेस डेस्क