केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है. नए वेतन आयोग के तहत लोग यह जानने की दिलचस्पी दिखा रहे हैं कि क्या नए बदलाव हो सकते हैं और कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ सकती है. यहां हम आपको बताएंगे कि अगर आपकी सैलरी 7वें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर पर बढ़ती है तो कितनी होगी?
अगर सरकार 8वें वेतन आयोग में भी वही फिटमेंट फैक्टर लागू रखती है जो 7वें वेतन आयोग में था, तो अलग-अलग लेवल के कर्मचारियों की सैलरी और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर अलग-अलग असर होगा. यहां लेवल 1, 5, 7 और 10 के कर्मचारियों के लिए इसका पूरा कैलकुलेशन दिया गया है.
7वें वेतन आयोग के तहत सरकार ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर तय किया था. इसके आधार पर ही न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गई थी. ऐसे में अगर 8वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर को 2.57 ही रखा जाता है, तो वर्तमान न्यूनतम बेसिक सैलरी में 2.57 गुना बढ़ सकती है.
लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों की सैलरी
लेवल 1 (एमटीएस, ट्रैकमैन, ग्रुप 'डी' कर्मचारी) की सैलरी अभी ₹18,000 है, लेकिन 8वें वेतन आयोग के आने के बाद यह बेसिक सैलरी ₹18,000 × 2.57 = ₹46,260 हो जाएगी. इसी तरह, लेवल 5 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹75,044 हो जाएगी.
लेवल 7 से 10 तक के कर्मचारियों की सैलरी
लेवल 7 (सेक्शन ऑफिसर, इनकम टैक्स इंस्पेक्टर, ग्रुप 'बी' नॉन-गेजेटेड) की अभी सैलरी ₹44,900 है, लेकिन आठवें वेतन आयोग के बाद इनकी बेसिक सैलरी ₹1,15,393 हो सकती है. लेवल 10 के कर्मचारियों की बेसि सैलरी ₹1,44,177 हो सकती है.
हाउस रेंट अलाउंस पर क्या होगा असर?
केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक, HRA की गणना बेसिक सैलरी के आधार पर की जाती है. शहरों को तीन श्रेणियों X, Y और Z में बांटा गया है. वर्तमान नियमों के तहत जब डीए 50% पार हो चुका है HRA की दरें क्रमशः 30%, 20% और 10% हैं. जब नया वेतन आयोग लागू होगा और बेसिक सैलरी बढ़ेगी तो HRA में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.