भारतीय शेयर में शुक्रवार को जोरदार तेजी देखी गई, लेकिन एक शेयर भारी दबाव में रहा. इस शेयर में भारी बिकवाली के कारण भाव करीब 1500 रुपये तक कम हो गया. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन भी तेजी से गिरा और 1.49 लाख करोड़ रुपये पर आ गया.
पिछले कई दिनों से इस शेयर में गिरावट आई है. एक महीने के दौरान इस शेयर में करीब 10 फीसदी या 2800 रुपये की गिरावट आई है. हालांकि, छह महीने के दौरान यह शेयर 97 फीसदी या करीब 16000 रुपये चढ़ा है. छह महीने पहले इस शेयर की कीमत 16000 रुपये पर थी और आज 32,000 रुपये पर कारोबार कर रही है.
शुक्रवार को इस कंपनी के शेयर 1470 रुपये या 4.38 फीसदी गिरकर 32,075 रुपये पर बंद हुए. इसके 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 38,785 रुपये है और 52 सप्ताह का निचला स्तर 16,111 रुपये है. मार्च तिमाही के दौरान कंपनी को अच्छा मुनाफा हुआ था.
हम जिस शेयर की बात कर रहे हैं, उसका नाम Hitachi Energy इंडिया है. जिसमें लगातार तेजी के बाद अब मुनाफा वसूली हावी हुई है और आए दिन इसमें गिरावट देखी जा रही है. खासकर तबसे जब सरकार की ओर से चीनी कंपनियों को एक विशेष राहत दी गई है.
रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि वित्त मंत्रालय के 24 जून के एक आधिकारिक मेमो के अनुसार, सरकार ने भारत में ही अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट या उत्पादन सुविधाएं चलाने वाली चार बड़ी चीनी पावर इक्विपमेंट कंपनियों को एक विशेष राहत दी है.
इन चीनी कंपनियों को राज्य-संचालित सरकारी संस्थाओं द्वारा जारी किए जाने वाले टेंडरों में भाग लेने के लिए पूरे दो साल की खास छूट दी गई है. इस छूट के दायरे में आने वाली कंपनियों में टीबीईए एनर्जी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नानजिंग इलेक्ट्रिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, न्यू नॉर्थईस्ट इलेक्ट्रिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और ताईकाई इलेक्ट्रिक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स में आगे कहा गया है कि विद्युत मंत्रालय की सिफारिश पर दी गई यह छूट इन कंपनियों को भारत के महत्वपूर्ण बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के सरकारी टेंडरों में सीधे बोली लगाने की अनुमति देती है. हालांकि, यह छूट सिर्फ 2 साल के लिए होगी.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)