नाला खोद रही मशीन से टूटी गैस पाइपलाइन... स्कूल तक पहुंचा गुबार, 5 बच्चे बेहोश हो गए

बिहार के मुजफ्फरपुर में नाला निर्माण के दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई. पोकलेन मशीन से खुदाई के दौरान पाइपलाइन कट गई, जिसके बाद तेज आवाज के साथ गैस का रिसाव शुरू हो गया. गैस का गुबार रोहुआ हाई स्कूल तक पहुंच गया, जिससे पांच बच्चे बेहोश हो गए. बच्चों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, सभी बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है.

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गैस रिसाव होने से बच्चे हुए बेहोश. (Photo: Representational) गैस रिसाव होने से बच्चे हुए बेहोश. (Photo: Representational)

मणि भूषण शर्मा

  • मुजफ्फरपुर,
  • 17 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:02 PM IST

स्कूल में पढ़ाई चल रही थी. बच्चे अपनी-अपनी क्लास में बैठे थे. तभी अचानक बाहर से तेज धमाके जैसी आवाज आई. कुछ ही सेकेंड में हवा का रंग बदल गया. गैस का गुबार स्कूल की तरफ बढ़ने लगा. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, पांच बच्चे बेहोश होकर गिर पड़े.

यह घटना बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की है, जहां नाला निर्माण के दौरान गैस पाइपलाइन कटने से बड़ा हादसा हो गया. गनीमत रही कि समय रहते बच्चों को अस्पताल पहुंचा दिया गया और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

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मामला मुशहरी प्रखंड के रोहुआ हाई स्कूल के पास का है. शुक्रवार को स्कूल से करीब 100 मीटर दूर नाला निर्माण का काम चल रहा था. खुदाई के लिए पोकलेन मशीन लगी हुई थी. इसी दौरान मशीन अंडरग्राउंड गैस पाइपलाइन से टकरा गई. पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होते ही तेज आवाज के साथ गैस का रिसाव शुरू हो गया.

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देखते ही देखते गैस का गुबार स्कूल परिसर तक पहुंच गया. उस वक्त कक्षाएं चल रही थीं. अचानक फैली गैस से स्कूल में अफरा-तफरी मच गई. शिक्षक बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने लगे, लेकिन तब तक पांच छात्र गैस की चपेट में आ चुके थे. सभी की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए.

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बच्चों को पहले मुशहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. वहां से डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए सभी को श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) रेफर कर दिया. स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक स्वामी सुधन ने बताया कि प्रभावित छात्रों में तीन नौवीं क्लास के हैं, एक दसवीं क्लास का और एक अन्य छात्र शामिल है. फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है.

आखिर पाइपलाइन कैसे कट गई?

निर्माण कार्य के सुपरवाइजर अजीत कुमार का कहना है कि इंडियन ऑयल (IOCL) की टीम ने एक दिन पहले खुदाई रुकवाई थी और कहा था कि अगली सुबह उनकी मौजूदगी में काम होगा. उनके मुताबिक, शुक्रवार को IOCL का एक कर्मचारी मौके पर मौजूद भी था. उसने पाइपलाइन का रूट मार्कर दिखाया, लेकिन खुदाई के दौरान पाइपलाइन मार्कर से पहले ही निकल आई और पोकलेन मशीन की चपेट में आकर कट गई.

सवाल है कि अगर पाइपलाइन की लोकेशन पहले से पता थी और गैस कंपनी का कर्मचारी मौके पर मौजूद था, तो फिर यह हादसा कैसे हो गया? घटना के बाद IOCL, जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं. गैस रिसाव पर काबू पा लिया गया है. अब जांच की जा रही है कि पाइपलाइन की रूट मार्किंग में कोई गड़बड़ी थी या निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया. फिलहाल बच्चों की हालत स्थिर है.

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