10 लाख प्रोडक्शन, 21 हजार नौकरियां, मारुति सुजुकी के नए प्लांट का PM मोदी ने किया उद्घाटन

मारुति सुजुकी ने अपने प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए नए प्लान की शुरुआत की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की पीएम सनाए ताकाइची ने इसका उद्घाटन किया गया है. ये प्लान 10 लाख यूनिट्स का सालाना प्रोडक्शन क्षमता के साथ आता है. इस प्लांट की वजह से 21 हजार नई नौकरियां पैदा होंगी. आइए जानते हैं इस प्लान की खास बातें.

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Maruti Suzuki के नए प्लांट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की पीएम सनाए ताकाइची ने किया है. (Photo: ITG) Maruti Suzuki के नए प्लांट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की पीएम सनाए ताकाइची ने किया है. (Photo: ITG)

आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 02 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:53 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने मारुति सुजुकी के आईएमटी खरखौदा, हरियाणा स्थित सबसे आधुनिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया है. ये उद्घाटन नई दिल्ली में आयोजित 'इंडिया-जापान ज्वाइंट इकोनॉमिक फोरम' के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया गया है. 

ये भारत में कंपनी के चार दशकों से अधिक के सफर में एक बेहद महत्वपूर्ण माइलस्टोन है और भारत-जापान की साझेदारी को और मजबूत करता है. इस मौके पर सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन (एसएमसी) के रिप्रेजेंटेटिव डायरेक्टर और प्रेसिडेंट तोशिहिरो सुजुकी और मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) के एमडी और सीईओ हिसाशी ताकेउचि भी मौजूद थे.

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सालाना 10 लाख यूनिट की पूरी क्षमता पर पहुंचने के बाद, ये फैसिलिटी दुनिया भर के सबसे बडे व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज में से एक होगी और सालाना 40 लाख यूनिट उत्पादन करने की कंपनी की बडी महत्वाकांक्षा को पूरा करने में एक मुख्य भूमिका निभाएगी. 

35 हजार करोड़ का निवेश

इस फैसिलिटी में कुल अनुमानित निवेश 35,000 करोड़ रुपये होगा, जिससे 21,000 से अधिक नौकरियां पैदा होंगी. खरखौदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को 'सुजुकी स्मार्ट फैक्ट्री' के कॉन्सेप्ट पर बनाया गया है. ये फैसिलिटी आधुनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी का लाभ उठाती है जिससे सभी कामकाजों की रियल-टाइम निगरानी हो पाती है. 

इससे सुरक्षा, क्वालिटी और प्रोडक्टिविटी में सुधार होता है और साथ ही मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं के दौरान ऊर्जा की कम-से-कम खपत होती है. अपनी भविष्य की तैयारियों को और मजबूत करते हुए, ये प्लांट इंडस्ट्री 5.0 की पद्धतियों को शामिल करता है. 

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इसमें इंसानों के साथ मिलकर काम करने वाले रोबोट्स यानी 'ह्यूमन-अवेयर कोलैबोरेटिव रोबोट्स' (कोबोट्स) को तैनात किया गया है. ये इंसानों और मशीनों के बीच बिना किसी रुकावट के तालमेल बनाने में मदद करता है, ताकि क्वालिटी और कामकाज में वैश्विक मानक हासिल किए जा सकें.

फैसिलिटी की बिजली की 100% जरूरतें रिन्यूएबल एनर्जी (सोलर पावर और ग्रीन पावर खरीद के मेल से) के जरिए पूरी की जाती हैं. वर्तमान में ये 20 MWp की स्थापित सोलर क्षमता के साथ काम कर रही है, जिसे 2030 तक बढ़ाकर 70 MWp करने का लक्ष्य रखा गया है. यहां एक 10 TPD का बायोगैस प्लांट और 1 MWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी लगाया जा रहा है.

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जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सुविधा

संसाधनों के जिम्मेदारी पूर्वक इस्तेमाल पर ध्यान देते हुए, ये फैसिलिटी 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' प्लांट के रूप में काम करती है, जो पानी की 100% रिसाइक्लिंग सुनिश्चित करता है. इसकी पानी की कुल जरूरत का लगभग दो-तिहाई हिस्सा रिसाइकल किए गए पानी और रेनवाटर हार्वेस्टिंग से पूरा होता है.

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इसके अलावा, वाहनों के ट्रांसपोर्टेशन में सडक की भीड़भाड़ को कम करने और ईंधन की खपत को बचाने के लिए, खरखौदा फैसिलिटी के अंदर ही एक इन-प्लांट रेलवे साइडिंग स्थापित की जाएगी. ऐसी सुविधा कंपनी के मानेसर (हरियाणा) और हंसलपुर (गुजरात) स्थित व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज में पहले से ही संचालित है.

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