Delhi Dehradun Expressway Accident: एक्सप्रेसवे पर गाड़ी चलाते समय की गई एक छोटी-सी गलती भी पलभर में जिंदगी बदल सकती है. हाल ही में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा इसी बात की बड़ी चेतावनी है. ड्राइविंग के दौरान एक छोटी सी चूक के चलते इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि एक्सप्रेसवे पर ड्राइविंग करते वक्त कितना सचेत रहने की जरूरत है. आपकी एक छोटी सी गलती खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकती है.
यह हादसा सहारनपुर जिले के रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के गांव हलगोया कट के पास हुआ. जानकारी के अनुसार, हरियाणा के बहादुरगढ़ से एक परिवार हरिद्वार गंगा स्नान और दर्शन के लिए जा रहा था. बताया जा रहा है कि उनकी कार एक्सप्रेसवे पर रिवर्स की जा रही थी. इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही महिंद्रा स्कॉर्पियो कार से टकरा गई.
इस हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. बताया जा रहा है कि, टक्कर इतनी तेज थी कि, 40 वर्षीय प्रवीन, उनकी 37 वर्षीय पत्नी प्रीति, बुजुर्ग मां सुदेश और 9 साल के मासूम शिवांश की मौके पर ही मौत हो गई थी. जबकि 3 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.
इस टक्कर का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि, पीछे से टक्कर मारने वाली स्कॉर्पियो कई राउंड रोल-ओवर हुई और आखिर में सड़क पर पलट गई. हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई. आसपास से गुजर रहे लोगों ने तुरंत अपनी गाड़ियां रोकी और घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला. पुलिस को सूचना दी गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया.
इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. बताया जा रहा है कि, सीसीटीवी कैमरे में कुछ तकनीकी गड़बड़ी के चलते समय और तारीख गलत दिख रहा है. आप वीडियो में देख सकते हैं कि, सफेद रंग की कार पहले एक्सप्रेसवे पर अपनी दिशा में आगे बढ़ रही है और थोड़ी दूर आगे चलने के बाद कार कुछ सेकंड के लिए रूकती है और फिर पीछे की तरफ आना शुरू कर देती है. यानी कार चालक रिवर्स ड्राइविंग करते हुए पीछे की तरफ आता है. इसी दौरान उसी लेन में आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सीधे कार से जा भिड़ती है. ये हादसा उन सभी लोगों के लिए एक अलार्म हैं, जो एक्सप्रेसवे या हाईवे पर ड्राइविंग करते समय एक एक्जिट छूट जाने पर रिवर्स ड्राइविंग का सहारा लेते हैं.
इसमें कोई दो राय नहीं है कि, इस हादसे में रिवर्स ड्राइविंग एक बड़ी गलती है. लेकिन पीछे से आ रही तेज रफ्तार एसयूवी की स्पीड भी इसका एक कारण बनती दिख रही है. हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि, SUV का चालक कितना सचेत था. लेकिन कुछ जानकारों का मानना है कि, ऐसे में समय रहते यही एसयूवी चालक अपनी लेन बदलता या स्पीड कम करते हुए SUV को मोड़ता तो काफी हद तक हादसे से बचा जा सकता था.
लेकिन ऐसा आमतौर पर देखा जाता है कि, एक्सप्रेसवे पर वाहन 100 से 120 किमी प्रति घंटे या उससे अधिक की रफ्तार से चलते हैं. ऐसे में यदि कोई वाहन अचानक रिवर्स होने लगे या गलत दिशा में आने लगे, तो पीछे से आ रहे वाहन चालक के पास रिएक्ट करने के लिए बहुत कम समय बचता है. इतना ही नहीं, कई बार चालक को यह पता भी नहीं चलता है कि, कार आगे बढ़ रही है या पीछे की तरफ आ रही है. यही वजह है कि ऐसे हादसे अक्सर बेहद गंभीर साबित होते हैं.
अगर एक्सप्रेसवे पर आपका एग्जिट छूट जाए तो घबराने या जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है. कभी भी गाड़ी को रिवर्स न करें और न ही यू-टर्न लेने की कोशिश करें. सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि अगले निर्धारित एग्जिट तक जाएं और वहां से सुरक्षित तरीके से वापस अपने रूट पर लौटें. कुछ मिनट बचाने की कोशिश आपकी और दूसरे लोगों की जान को खतरे में डाल सकती है.
एक्सप्रेसवे पर हर लेन के लिए तय गति सीमा होती है. अधिक रफ्तार से वाहन चलाने पर अचानक सामने आने वाली किसी भी गाड़ी, ऑब्जेक्ट या व्यक्ति से बचना मुश्किल हो जाता है. इसलिए हमेशा निर्धारित स्पीड लिमिट के भीतर ही वाहन चलाएं और मौसम के अनुसार स्पीड को कंट्रोल में रखें.
अचानक लेन बदलना भी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनता है. यदि आपको लेन बदलना है, तो पहले रियर व्यू मिरर और साइड मिरर देखें, फिर इंडिकेटर दें और उसके बाद ही सुरक्षित तरीके से लेन बदलें. इससे पीछे आने वाले वाहन चालक भी सतर्क हो जाते हैं. और आपको भी पर्याप्त समय और स्पेस मिलता है, ताकि आप अपने वाहन को सुरक्षित दूसरे लेन में ले जा सकें.
एक्सप्रेसवे पर हमेशा आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें. यदि सामने वाला वाहन अचानक ब्रेक लगाता है, तो सुरक्षित दूरी होने पर आपके पास वाहन रोकने के लिए पर्याप्त समय रहेगा और टक्कर की संभावना काफी कम हो जाएगी. कभी भी किसी तेज रफ्तार वाहन को देखते हुए उसके पीछे न जाए और न ही टेलगेटिंग करें. यह बेहद खतरनाक स्थिति होती है.
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करना, मैसेज पढ़ना या स्क्रीन देखना आपको डिस्ट्रैक्ट कर सकता है. इसके अलावा आज कल की कारों में टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट सिस्टम भी डिस्ट्रैक्शन का बड़ा कारण बन रहे हैं. यदि आपको स्क्रीन देखने की जरूरत है तो कार में को-ड्राइविंग सीट पर बैठे व्यक्ति को स्क्रीन देखने या ऑपरेट करने के लिए कहें. पीछे बैठे व्यक्ति को बिना वजह आगे की स्क्रीन से छेड़छाड़ न करने दें. इससे भी चालक को डिस्ट्रैक्शन होता है.
यदि वाहन में कोई तकनीकी खराबी आ जाए या किसी वजह से रुकना जरूरी हो, तो गाड़ी को केवल इमरजेंसी लेन में सुरक्षित तरीके से खड़ा करें. हैजार्ड लाइट चालू करें और जरूरत पड़ने पर रिफ्लेक्टिव वार्निंग ट्रायंगल का इस्तेमाल करें, ताकि पीछे से आने वाले वाहन समय रहते सतर्क हो सकें. कभी भी यूं ही सड़क के बीच या किनारे गाड़ी खड़ी न करें.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि हर वाहन चालक के लिए एक गंभीर चेतावनी है. एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक नियमों का पालन करना केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की जिंदगी की सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है. कुछ मिनट बचाने की जल्दबाजी कभी-कभी पूरी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है.
अश्विन सत्यदेव