देश में बड़े स्तरों पर जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. मिट्टी की उत्पादकता और लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए किसान बड़ी संख्या में इसमें दिलचस्पी भी दिखा रहे हैं. हालांकि, जैविक खेती करने वाले किसान अकसर इस बात को लेकर चितिंत रहते हैं कि वे अपनी फसल कहां बेचें. ऐसे में मजबूरी वश वह अपनी फसल लोकल मार्केट में सस्ते दामों पर बेचने पर मजबूर हो जाते हैं. इससे उनका भारी नुकसान होता है.
जैविक उत्पादों को यहां बेचें किसान
बता दें कि जैविक उत्पादों का बाजार अभी भी देश में उतना विकसित नहीं है. ऐसे में किसान औने-पौने दाम पर अपनी फसल बेच देते हैं. वह यह मुनाफा हासिल नहीं कर पाते हैं, जिसके वे हकदार हैं. ऐसे किसानों के लिए सरकार एक प्लेटफार्म लेकर आई है. किसान https://www.jaivikkheti.in/ पोर्टल पर जाकर अपनी फसल को सही दाम पर बेच सकते हैं. इस प्लेटफार्म का उपयोग कर किसान बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.
जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही प्रदेश सरकार, अन्नदाता किसानों के जीवन में आ रही खुशहाली
— Kisan Kalyan Mission UP (@KisanKalyanUP)
जैविक प्रमाणिकता कर लें हासिल
जैविक उत्पाद के जैविक होने की मान्यता तभी है जब वह उत्पाद नियत राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरता हो. आपके उत्पादों को जैविक प्रमािकता हासिल होनी चाहिए. इसके अंतर्गत मान्यता प्राप्त जैविक प्रमाणीकरण संस्थाओं द्वारा जैविक उत्पादों को प्रमाणिक किया जाता है. इसके बाद ही किसान अपनी https://www.jaivikkheti.in/ पर बेच सकता है.
जैविक खेती से होने वाला लाभ
भूमि की उपजाऊ क्षमता में वृद्धि हो जाती है. सिंचाई अंतराल में वृद्धि होती है. रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होने से लागत में कमी आती है. फसलों की उत्पादकता में वृद्धि. बाज़ार में जैविक उत्पादों की मांग बढ़ने से किसानों की आय में भी वृद्धि होती है.
मिट्टी की दृष्टि से जैविक खाद के उपयोग करने से भूमि की गुणवत्ता में सुधार आता है. भूमि की जल धारण क्षमता बढ़ती है.