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इस मौसम में किसी वरदान से कम नहीं रंगीन फूलगोभी की खेती, चंद महीनों में मुनाफा डबल

Colourful Cauliflower Farming Tips: रंगीन फूलगोभी की खेती के लिए भी ठंडी और नमी वाली जलवायु बेहतर मानी जाती है. तापमान 20-25 डिग्री सेल्सियस होना बेहद जरूरी है. मिट्टी का पी.एच. मान 5.5 से 6.6 के बीच होना चाहिए. उचित जलनिकासी वाली खेतों का चुनाव करें.

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Colourful Cauliflower
Colourful Cauliflower

खेती-किसानी बदलावों के दौर से गुजर रही है. नई और उम्दा तकनीकें खेती लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. इसी कड़ी में किसान इन दिनों रंगीन फूलगोभी की खेती (Colourful Cauliflower Farming) से बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं. शायद कई लोग इस बात से हैरत में होंगे कि फूलगोभी रंगीन भी हो सकती है, लेकिन देश के कई हिस्सों में पीली और बैंगनी फूलगोभी की खेती हो रही है. यह सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं.  

मिट्टी और जलवायु

सामान्य फूलगोभी की तरह इसकी खेती के लिए भी ठंडी और नमी वाली जलवायु बेहतर मानी जाती है. तापमान 20-25 डिग्री सेल्सियस होना बेहद जरूरी है. मिट्टी का पी.एच. मान 5.5 से 6.6 के बीच होना चाहिए. उचित जलनिकासी वाली खेतों का चुनाव करें.

कैसे करें बुवाई?

इसकी बुवाई नर्सरी विधि से की जाती है. एक हेक्टेयर के लिए 200 से 300 ग्राम बीज की जरूरत होती है. नर्सरी में बीज लगाने के बाद जब पौधे 4-5 सप्ताह के हो जाएं, तो उन्हें खेतों में लगा दें. रंगीन फूलगोभी की खेती के लिए सितंबर से अक्टूबर का महीना सबसे बेहतर माना जाता है.

खाद और सिंचाई

फसल की अच्छी उपज के लिए खाद की सही मात्रा डालनी जरूरी है. गोबर की सड़ी हुई खाद को मिट्टी में मिला सकते हैं. यह फसल के विकास में बेहद सहायक साबित होगी. इसके अलावा मिट्टी की जांच भी करा सकते हैं. जांच कराने से मिट्टी में किन पोषक तत्वों की कमी का पता लग जाता है. फिर उस हिसाब से आप इसकी खेती बेहतर तरीके से करने का प्लान कर सकते हैं.

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इतने दिनों में कटाई के लिए हो जाती है तैयार

पौधों की रोपाई के बाद 100-110 दिनों बाद फसल काटने के लिए तैयार हो जाती है. एक हेक्टेयर से औसतन 200-300 क्विंटल गोभी की फसल प्राप्त होती है. रंगीन फूलगोभी की बाज़ार में अच्छी कीमत मिलती है, जिससे किसानों को अधिक मुनाफ़ा होता है.

 

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