बिहार में किसानों के बीच शिमला मिर्च की खेती की लोकप्रियता बढ़ी है. बड़ी संख्या में ग्रामीण लाल और हरे रंग की शिमला मिर्च की खेती कर लागत से 4 गुना ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं. मुजफ्फपुर के काटीकर कोठिया वीरपुर ,मीनापुर और बोचहा के किसान भी इसकी खेती से अच्छी खासी आमदनी हासिल कर रहे हैं.
परंपरागत खेती छोड़ ने इन किसानों ने शुरू की शिमला मिर्च की खेती
मुजफ्फरपुर के किसान निलेश कुमार, विजय साहनी, विनोद साहनी, विशेश्वर साहनी समेत कई किसान शिमला मिर्च की खेती से जबरदस्त मुनाफा कमा रहे हैं. कोठिया के रहने वाले निलेश कुमार की शिमला मिर्च की खेती से अच्छी कमाई हुई है. उनके ही साथ उसी गांव के रहने वाले किसान विनोद सहनी विशेश्वर साहनी भी शिमला मिर्च की खेती कर रहे है. वहीं, वीरपुर के इंद्रजीत शाही ने डेढ़ एकड़ में शिमला मिर्च की खेती की है. इससे उन्हें लाखों का मुनाफा हासिल हो रहा है. बता दें कि इंद्रजीत पहले गेहूं और धान की करते थे.
बिहार में बड़े पैमाने पर शिमला मिर्च की आवक दूसरे प्रदेशों से होती है. ऐसे में यहां के किसान अब शिमला मिर्च की खेती कर रहे हैं. अच्छा-खासा डिमांड होने के चलते उन्हें फसल पर मुनाफा भी अच्छा मिल रहा है.
शिमला मिर्च की खेती करने वाले ध्यान रखें ये बात
शिमला मिर्च की खेती करने के लिए जमीन का पीएच मान 6 होना चाहिए. जबकि शिमला मिर्च का पौधा 40 डिग्री तक के तापमान को भी सह सकता है. शिमला मिर्च का पौधा रोपाई के 75 दिन बाद उत्पादन देना शुरू कर देता है. वहीं इसके उत्पादन की बात करें तो 1 हेक्टेयर में शिमला मिर्च की फसल का उत्पादन 300 क्विंटल होता है.