किसानों के विकास के लिए कई सारी सरकारी योजनाएं चलाई जा रही है. इन योजनाओं का लक्ष्य किसानों को आर्थिक तौर पर सशक्त करना है. हालांकि, जानकारी के अभाव के चलते किसान इन योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं. यहां हम आपको केंद्र सरकार की पांच बड़ी योजनाओं के बारे में बताएंगे. इन योजनाओं की मदद से किसान अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना
पीएम किसान योजना के तहत किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद की जाती है. किसानों के खाते में ये राशि हर 4 महीने के अंतराल में 2-2 हजार रुपये करके 3 किस्तों में भेजी जाती है. अब इसको एक नया अपडेट सामने आ रहा है. केंद्र सरकार ने दिसंबर 2018 में इस योजना को लागू किया था. अब तक 11 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 2.81 लाख करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं. इस योजना के तहत ‘प्रत्यक्ष लाभ अंतरण’ (डीबीटी) माध्यम से हस्तांतरित किए जाते हैं.
पीएम किसान मानधन योजना
इस योजना के लिए सिर्फ 18 से 40 वर्ष के आयु वाले किसान ही अप्लाई कर सकते हैं. इन किसानों के पास दो हेक्टेयर जमीन होनी चाहिए. अगर आपकी उम्र 18 साल है और इस योजना से जुड़ते हैं तो आपको हर महीने 55 रुपये जमा करने होंगे. वहीं, 30 साल की उम्र में यह राशि बढ़कर 110 रुपये और 40 साल की उम्र में 200 रुपये हो जाएगी. किसान को ये राशि 60 साल की उम्र तक देनी है.किसान इस योजना का लाभ 60 साल की उम्र के बाद उठा पाएंगे. ये राशि बुजुर्ग किसानों को बतौर पेंशन दी जाएगी. तीन हजार रुपये की राशि हर महीने किसानों के खाते में भेजी जाएगी.
फसल बीमा योजना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के फायदे के लिए चलाई जाने वाली स्कीम है. इसके तहत किसी भी तरह की प्राकृतिक आपदाओं से फसल बर्बाद होने पर किसानों को मुआवजा दिया जाता है. इससे देश के ज्यादा से ज्यादा किसानों को सरकार मुसीबत के वक्त मदद कर पाती है. अगर आप पीएम फसल बीमा योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो आपको एक निर्धारित प्रीमियम को देना होगा. यह प्रीमियम बेहद कम होता है जिसे हर कोई दे सकता है. खरीफ की फसल के लिए आपको बीमा राशि का दो फीसदी तक प्रीमियम देना पड़ता है. वहीं, रबी की फसल के लिए 1.5 फीसदी तक प्रीमियम देना होगा. इसके अलावा बात करें बागवानी फसलों की तो इसमें आपको फसल की बीमा राशि का अधिकतम 5 फीसदी तक प्रीमियम के रूप में देना होगा.
प्रधानमंत्री के कृषि सिंचाई योजना
देश के कई हिस्से इन दिनों पानी की भारी किल्लत से जुझ रहे हैं. फसलों की सिंचाई का पारंपरिक तरीका इस दिक्कत को और भी बढ़ा रहा है. ऐसे में सिंचाई की ड्रिप इरिगेशन तकनीक किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है. ये तकनीक ना सिर्फ पानी और उपज को बर्बाद होने से बचाती है, बल्कि उत्पादकता में भी इजाफा होता है. इस योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसे नई सिंचाई तकनीकों पर किसानों को बंपर सब्सिडी भी दी जाती है.