कुदरत ऐसी रूठी है कि लोगों का जीना मुहाल हो गया है. कहीं बाढ़ ने जिंदगी को तितर-भीतर कर दिया है तो कहीं ज्वालामुखी जानलेवा बन गया है और कहीं भूकंप ने जिंदगी को झकझोर कर रख दिया है.