अमेरिका में एक अश्वेत नागरिक की पुलिस हिरासत में मौत के बाद भड़की हिंसा में वहां के 30 शहर झुलस रहे हैं. इसकी आंच अब व्हाइट हाउस तक जा पहुंची है. प्रदर्शनकारियों ने व्हाइट हाउस के पास कूड़ेदान में आग लगा दी और पुलिस से धक्का-मुक्की की. बाद में सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया. हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस में बने एक बंकर में शिफ्ट करना पड़ा था. अश्वेत व्यक्ति का नाम जॉर्ज फ्लायड था जिसकी मौत पर हिंसा भड़की है. इन हिंसक वारदातों पर राष्ट्रपति ट्रंप ने गहरी नाराजगी जताई है. उन्होंने एक ट्वीट में लिखा कि हिंसा की इस आग में उन्हें नहीं लगता कि किसी श्वेत संगठन का हाथ है.
“These were the people that trashed Seattle years ago. Who’s paying for these people. I was appalled that 13 of Joe Biden’s staff were donating money to bail people out in Minneapolis. They should have stayed in jail until this is over (and beyond).” @newtgingrich @foxandfriends
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) June 1, 2020
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, इस घटना में मैं किसी भी श्वेत संगठन की भूमिका नहीं देखता. यह एंटिफा संगठन का किया कराया है. मुझे लगता है कि इस संगठन को पहली बार 'ऑक्यूपाई वॉल स्ट्रीट' विरोध प्रदर्शन में देखा गया. जैसा उस वक्त हुआ, ठीक वैसी ही मानसिकता अभी दिख रही है. ट्रंप ने कहा, ये वही लोग हैं जिन्होंने साल भर पहले सिएटल में हंगामा किया. ऐसे लोगों को फंड कौन दे रहा है. मुझे जानकर दुख हुआ कि मिनेपॉलिस में 13 ऐसे लोगों को रिहा कराने के लिए जॉय बिडेन के 13 स्टाफ दान में रकम चुका रहे हैं. ऐसे लोगों को तब तक जेल में रहना चाहिए जब तक मामला शांत न हो जाए.
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राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, जॉय बिडेन के लोग इस कदर कट्टर वामपंथी (रेडिकल लेफ्ट) हैं कि वे उत्पात मचाने वालों को जेल से बाहर निकालने का काम कर रहे हैं. जॉय को इस बारे में कुछ भी पता नहीं है लेकिन वे (बिडेन के स्टाफ) ही आगे चल कर असली पावर बनेंगे, न कि जॉय बिडेन. ऐसे लोग आगे चल कर बड़े टैक्स लगाने की वकालत करेंगे.
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बता दें, अमेरिका में अश्वेत नागरिक की मौत के बाद कई दिनों से हंगामा बरपा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने हिंसा का ठीकरा वामपंथी संगठन एंटिफा के माथे पर फोड़ा है. उन्होंने एंटिफा को आतंकी संगठन तक की संज्ञा दे दी है. अमेरिका में एंटिफा को उग्रवादी, वामपंथी, फासी विरोधी राजनीतिक आंदोलन कराने का दर्जा मिला हुआ है. इस संगठन के बारे में कहा जाता है कि नीतिगत सुधारों पर जोर देने की बजाय यह सीधी कार्रवाई पर बल देता है. इसे देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने इस संगठन के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है.