अमेरिका में नए साल की पूर्व संध्या पर एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को FBI ने समय रहते नाकाम कर दिया. यह साजिश नॉर्थ कैरोलाइना के मिंट हिल इलाके में रची जा रही थी. ISIS संदिग्ध 18 साल के युवक क्रिश्चियन स्टरडिवेंट को पकड़ा गया है, जिस पर आरोप है कि वह न्यू ईयर ईव पर अटैक करने की साजिश रच रहा था.
इस पूरे मामले की शुरुआत दिसंबर 2025 के बीच में हुई, जब FBI के चार्लोट फील्ड ऑफिस को एक युवक के सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में खबर मिली. जांच की गई तो सामने आया कि क्रिश्चियन स्टरडिवेंट लगातार ISIS के समर्थन में पोस्ट कर रहा था. एक पोस्ट में उसने एक तस्वीर शेयर करते हुए कुछ धार्मिक बातें लिखीं. जांच एजेंसियों के अनुसार, यह लैंग्वेज ISIS के कंटेंट से मैच होती है.
FBI अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की ऑनलाइन एक्टिविटीज को बेहद गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि हाल के वर्षों में कई आतंकी हमले सोशल मीडिया से कट्टरपंथ की ओर बढ़े युवाओं द्वारा किए गए हैं.

जांच आगे बढ़ी तो FBI ने ऑनलाइन अंडरकवर एजेंट (OC) को एक्टिव किया, जिसके संपर्क में आने पर स्टरडिवेंट ने उन्हें ISIS का सदस्य समझ लिया. 12 दिसंबर 2025 के आसपास स्टरडिवेंट ने अंडरकवर एजेंट से संपर्क किया और खुले तौर पर कहा- मैं जल्द जिहाद करूंगा. उसने खुद को 'soldier of the state' बताया, जिसका मतलब ISIS का सिपाही होना था.
14 दिसंबर को स्टरडिवेंट ने अंडरकवर एजेंट को एक तस्वीर भेजी, जिसमें दो हथौड़े और एक चाकू दिख रहा था. यह एक्टिविटी बेहद अहम थी, क्योंकि ISIS की मैगजीन में पश्चिमी देशों में चाकू जैसे साधारण हथियारों से अटैक करने की अपील की गई थी. उसी आर्टिकल के बाद पहले भी कई हमले हो चुके हैं.
स्टरडिवेंट ने कहा कि वह नॉर्थ कैरोलिना के एक ग्रॉसरी स्टोर और एक फास्ट फूड रेस्टोरेंट को निशाना बनाना चाहता है. उसने यह भी कहा कि वह चाकू के साथ-साथ एक गन खरीदने की तैयारी कर रहा है. 19 दिसंबर को उसने अंडरकवर एजेंट को एक वॉयस मैसेज भेजा, जिसमें उसने ISIS के प्रति Bayat यानी वफादारी की शपथ ली.

29 दिसंबर 2025 को FBI और स्थानीय पुलिस ने स्टरडिवेंट के घर पर सर्च वारंट के तहत छापा मारा. उसके बेडरूम से हाथ से लिखा एक नोट मिला, जिसका टाइटल था- 'New Year’s Attack 2026...' इस नोट में अटैक की पूरी प्लानिंग थी. इसमें मास्क, वेस्ट, टैक्टिकल ग्लव्स और दो चाकुओं की लिस्ट थी.
चौंकाने वाली बात यह थी कि नोट में लिखा था कि वह 20 से 21 लोगों को चाकू मारने का टारगेट रखता है. इसके अलावा martyrdom op नाम से एक सेक्शन था, जिसमें पुलिस के पहुंचने के बाद उन पर अटैक कर शहीद होने का जिक्र था.
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जांच में सामने आया कि स्टरडिवेंट जिस रिश्तेदार के साथ रहता था, उसे उसके इरादों की कुछ हद तक भनक लग चुकी थी. इसी वजह से घर में मौजूद चाकू और हथौड़े छिपा दिए गए थे. लेकिन छापे के दौरान FBI ने उसके बेड के नीचे से दो बुचर नाइफ और दो हथौड़े बरामद किए, जो उसी फोटो से मैच हो रहे थे, जो उसने अंडरकवर एजेंट को भेजी थी. इसके अलावा उसके रूम से संभावित टारगेट्स की लिस्ट, टैक्टिकल ग्लव्स भी मिले.

सभी सबूत सामने आने के बाद 31 दिसंबर 2025 को यानी न्यू ईयर ईव के दिन क्रिश्चियन स्टरडिवेंट को अरेस्ट कर लिया गया. उस पर विदेशी आतंकी संगठन से जुड़े होने का आरोप है. इसके बाद उसे शार्लोट की फेडरल कोर्ट में पेश किया गया. अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, यदि वह दोषी पाया गया तो उसे अधिकतम 20 साल की फेडरल जेल की सजा हो सकती है.
इस पूरे ऑपरेशन में FBI के साथ न्यूयॉर्क पुलिस, मिंट हिल पुलिस डिपार्टमेंट और जॉइंट टेररिज्म टास्क फोर्स शामिल थी. पुलिस की अंडरकवर साइबर टीम ने ऑनलाइन एक्टिविटीज को ट्रैक किया. अटॉर्नी जनरल ने इसे न्यू ईयर ईव पर अमेरिकियों की जान बचाने वाला ऑपरेशन बताया.
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि स्टरडिवेंट 2022 में नाबालिग था, तब भी ISIS से जुड़े एक विदेशी व्यक्ति के संपर्क में आया था और तब भी उसकी हथौड़े से अटैक करने की मंशा थी. उस समय उस पर कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं हुआ और उसे मानसिक इलाज के लिए भेज दिया गया था.