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जब भूकंप आया तो वॉर्म अप कर रही थी अंडर 14 गर्ल्स फुटबॉल टीम

नेपाल में शनिवार को 7.9 तीव्रता के भूकंप का सामना करने वाली भारतीय 'अंडर-14' गर्ल्स फुटबॉल टीम वतन लौट आई है. खिलाड़ियों को वहां का भयानक मंजर भुलाए नहीं भूलता.

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नेपाल में शनिवार को 7.9 तीव्रता के भूकंप का सामना करने वाली भारतीय 'अंडर-14' गर्ल्स फुटबॉल टीम वतन लौट आई है. खिलाड़ियों को वहां का भयानक मंजर भुलाए नहीं भूलता.

टीम की कोच रॉकी मेमोल बताती हैं, 'हमें वॉर्म अप करते हुए पांच मिनट ही हुए होंगे कि धरती हिलने लगी. ऐसा लगा कि हमारे आस-पास की सारी इमारतें गिर जाएंगी . मैं समझ गई कि यह भूकंप है और मैंने लड़कियों को तुरंत स्टेडियम से भागने को कहा.'

भारत की अंडर-14 गर्ल्स फुटबॉल टीम एशियन फुटबॉल कनफेडरेशन की रीजनल चैंपियनशिप खेलने नेपाल गई थी. शनिवार को जब वहां 7.9 तीव्रता का भूकंप आया तो टीम काठमांडू के दशरथ स्टेडियम में पसीना बहा रही थी.

टीम समेत 23 लोग गए थे नेपाल
भारत से 18 खिलाड़ी और पांच अधिकारी नेपाल गए थे. इन सभी को रविवार की शाम काठमांडू से सफलतापूर्वक इंडियन एयर फोर्स के विमान से निकाल लिया गया. इस विमान में 250 अन्य लोग भी थे.

इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद ट्वीट कर भरोसा दिलाया था कि टीम को विशेष विमान से वापस लाया जाएगा.

मेमोल बताती हैं, 'हम करीब 5 घंटों तक मैदान के बाहर रहे, क्योंकि भूकंप के बाद भी झटके आ रहे थे और अधिकारियों ने हमें होटल न जाने को कहा था. हमने देखा कि स्टेडियम के आस-पास की इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा. स्टेडियम से होटल की दूरी करीब एक घंटे की थी. बाद में एक पुलिस वैन हमारे साथ गई. रास्ते भर हमें क्षतिग्रस्त इमारतें और सड़कों पर बुरी तरह डरे हुए लोग दिखाई दिए.'

होटल में पड़ गई थी दरार
कोच ने बताया कि स्थानीय आयोजकों ने उनकी काफी मदद की. उनके मुताबिक, 'वह हर समय हमारे साथ थे. हम लड़कियों से कह रहे थे कि कुछ नहीं हुआ. जब हम होटल पहुंचे तो हमें कमरे में न जाने के लिए कहा गया क्योंकि होटल में दरार पड़ गई थी. तब तक शाम हो गई थी और हमें खाना और कंबल दे दिए गए. हमने होटल कंपाउंड में रात बिताई.'

भारत लौटने के बाद खिलाड़ियों को गुड़गांव एयरोसिटी के आईबिस होटल में ठहराया गया है. यहां से सोमवार को उन्हें अलग-अलग राज्यों में अपने घर जाना है. ओडिशा सरकार के सूत्रों ने बताया कि टीम में उनके प्रदेश की पांच खिलाड़ी हैं जिनमें कप्तान श्रद्धांजलि सामंत्रे भी शामिल हैं.

इस अनुभव को न खिलाड़ी भूल पा रही हैं, न साथ में गया स्टाफ. डर की वजह से पूरी रात न सो सकीं टीम मैनेजर सपना कहती हैं, 'यह हम सबके लिए डरावना अनुभव था.'

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