यूक्रेन का बोइंग 737 विमान बुधवार को ईरान की राजधानी तेहरान से उड़ान भरने के बाद रोबत करीम काउंटी के परांड शहर के पास क्रैश हो गया है. इस हादसे में विमान में सवार सभी 176 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में 82 ईरान के नागरिक, 11 यूक्रेन, 63 कनाडा के नागरिक, 10 स्वीडन, 4 अफगानिस्तान, 4 जर्मनी और 3 ब्रिटेन के नागरिक शामिल हैं.
तेहरान के इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी अली खशानी ने कहा कि दुर्घटना के तुरंत बाद विमान में आग लग गई थी. यह विमान हादसा तकनीकी गड़बड़ी के चलते हुआ होगा. हालांकि यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइन्स ने कहा कि जो विमान ईरान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ, उसकी दो दिन पहले तकनीकी जांच की गई थी. यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइन्स ने बताया कि यह विमान साल 2016 में बनाया गया था और इसको सीधे बोइंग से खरीदा गया था.
इस विमान ने तेहरान एयरपोर्ट से बुधवार सुबह 6 बजकर 10 मिनट में उड़ान भरी थी. इसके कुछ मिनट बाद यह विमान लापता हो गया था और फिर इस विमान के क्रैश होने की जानकारी मिली. इस हादसे के बाद यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइन्स ने तेहरान के लिए अपने विमानों की उड़ान रद्द करने का फैसला किया है. फिलहाल विमान के हादसे की वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमीर जेलेंस्की ने विमान हादसे और सभी विमानों की तकनीकी जांच के आदेश दिया है. साथ ही विमान हादसे को लेकर अफवाहों को फैलाने पर चेताया है. उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों और क्रू के संबंधियों और दोस्तों के साथ मेरी गहरी संवेदना है.
इस विमान हादसे के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति अपने विदेशी दौर से भी वापस लौट आए हैं. इससे पहले ईरान स्थित यूक्रेन के दूतावास ने कहा कि इंजन में तकनीकी गड़बड़ी आने के चलते विमान हादसा हुआ है. साथ ही आतंकी हमले को सिरे से खारिज किया था. यूक्रेन के दूतावास ने यह भी कहा कि जहां पर विमान हादसा हुआ, वहां पर यूक्रेन के राजदूत ने दौरा किया है.