अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि अगर जरूरत हुई तो ट्रंप सरकार पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने से परहेज नहीं करेगी ताकि उसके नेताओं को यह समझाया जा सके कि आतंकवादी समूहों पर कार्रवाई करना उनके ही हित में हैं. एक अधिकारी ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि प्रशासन का मानना है कि अफगानिस्तान से सेना वापसी के लिए समय सीमा नहीं होने से पाकिस्तान को वह सब घेरेबंदी नहीं करने पड़ेगी जो वह पहले करता रहा था.
अफगानिस्तान और दक्षिण एशिया के लिए नई रणनीति पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के संबंध में प्रश्न पूछे जाने पर अधिकारी ने बताया कि ‘हमें लगता है कि वे इन कुछ समूहों को इसलिए लगातार समर्थन देते रहे हैं क्योंकि इस क्षेत्र में अमेरिकी प्रतिबद्धता के बारे में बहुत अनिश्चितता है’. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दक्षिण एशिया नीति की रूपरेखा पेश करते हुए सैनिकों की जल्दबाजी में वापसी कराने से इंकार किया था.
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आतंकवादियों को लगातार सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराए जाने पर उन्होंने पाकिस्तान को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी और अमेरिका के सबसे लंबे समय तक चलने वाले युद्ध को समाप्त करने में भारत की एक बेहतर भूमिका और युद्धग्रस्त देश में शांति लाने की वकालत की थी. प्रशासनिक अधिकारी ने यह भी बताया कि नई अफगानिस्तान नीति उससे उलट है जैसी नीति अमेरिका पहले पाकिस्तान से निपटने में इस्तेमाल करता आया था.
संवाददाता सम्मेलन में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, 'वह पाकिस्तानी नेताओं को समझाएंगे कि इन समूहों का खात्मा उनके हित में है और अगर वह नहीं मानते हैं तो यह प्रशासन कड़े कदम उठाने से नहीं हिचकेगा'.