ईरान जंग को लेकर क्या बोले ट्रंप (Photo: Reuters) US-Israel Attacks Iran Live Updates: मिडिल ईस्ट जंग का आज 11वां दिन है. दोनों पक्षों के बीच लगातार हमले जारी हैं. अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान के सैन्यअड्डों, मिसाइल लॉन्च साइट और कम्युनिकेशन नेटवर्क पर एयरस्ट्राइक कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और ड्रोन क्षमता को भारी नुकसान हुआ है और उसका सैन्य ढांचा काफी हद तक कमजोर पड़ चुका है. इजरायल, ईरान के तेल ठिकानों को लगातार निशाना बना रहा है. इन हमलों के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर को लेकर चिंता बढ़ गई है.
दूसरी तरफ ईरान भी लगातार जवाबी हमले कर रहा है. ईरान ने इजरायल, अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी के कुछ देशों की ओर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे हैं. कुछ मिसाइलें खाड़ी देशों के तेल ठिकानों और अहम इंफ्रास्ट्रक्चर के पास भी गिरीं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चली गईं. इस युद्ध से जुड़ी पल-पल की खबरों के लिए इस पेज से जुड़े रहें:-
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम कई मायनों में पहले ही जीत हासिल कर चुके हैं, लेकिन अभी उतनी नहीं जितनी हमें चाहिए. हम पहले से भी ज्यादा दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं ताकि अंतिम विजय हासिल की जा सके और इस लंबे समय से चले आ रहे खतरे को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका मानव इतिहास का सबसे महान और असाधारण देश है और अब इसे किसी भी तरह के दुष्ट आतंकवादियों और सिरफिरों से खतरा नहीं रहेगा.
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्लोरिडा में आयोजित रिपब्लिकन हाउस सदस्यों की बैठक में कहा कि मिडिल ईस्ट का युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चलेगा. ट्रंप ने अपने संबोधन की शुरुआत ईरान का जिक्र करते हुए की. उन्होंने कगा ती गम मिडिल ईस्ट में थोड़ी देर के लिए हैं, कुछ बुराइयों को खत्म करने के लिए. मुझे लगता है कि आप देखेंगे कि यह एक अल्पकालिक ऑपरेशन होगा. उन्होंने कहा कि अपने पहले कार्यकाल में हमने अपनी सेना को फिर से मजबूत बनाया था. उस समय मुझे अंदाजा नहीं था कि दूसरे कार्यकाल में मुझे उसका इतना ज्यादा इस्तेमाल करना पड़ेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ने रिपब्लिकन पार्टी के मेंबर्स इश्यूज कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर कहा कि हम अपने इजरायली पार्टनर के साथ मिलकर टेक्निकल स्किल और मिलिट्री फोर्स का जबरदस्त प्रदर्शन करके दुश्मन को कुचल रहे हैं. ईरान की ड्रोन और मिसाइल कैपेबिलिटी पूरी तरह खत्म हो रही है. नेवी खत्म हो गई है. हमने 46 जहाजों को मार दिया है. उनके टेरेरिस्ट लीडर खत्म हो गए हैं. हम तब तक हार नहीं मानेंगे, जब तक दुश्मन पूरी तरह और पक्के तौर पर हार नहीं जाता.
अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया लीडर चुना गया है. लेकिन डोनाल्ड ट्रंप इस फैसले से खफा हैं और इसे लेकर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. ट्रंप ने NBC News को दिए इंटरव्यू में कहा कि मुझे लगता है कि उन्होंने मोजबता को सुप्रीम लीडर चुनकर बहुत बड़ी गलती कर दी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि यह युद्ध जल्द ही खत्म हो सकता है. ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि युद्ध का लक्ष्य पूरा हो चुका है. अब उनके (ईरान) पास कोई नेवी या किसी तरह का कम्युनिकेशन नहीं है. उनके पास कोई एयरफोर्स नहीं है. अमेरिकी सेना शुरुआत से ही ईरान पर भारी पड़ी है.
इजराइल ने दावा किया है कि उनकी वायुसेना ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के ड्रोन हेडक्वार्टर पर हमला किया है. इजराइली सेना का कहना है कि इसी ठिकाने से पहले इजराइल की तरफ मानवरहित ड्रोन लॉन्च किए गए थे. आईडीएफ का दावा है कि इस ऑपरेशन में ड्रोन स्टोरेज साइट्स और एयर डिफेंस सिस्टम को भी निशाना बनाया गया ताकि ईरान की हमले और रक्षा क्षमता को कमजोर किया जा सके.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान पर हमला करने की वजह बता दी है. उन्होंने कहा कि इस मिशन का मकसद साफ है और अमेरिकियों को यह याद दिलाते रहना जरूरी है कि दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी सेना इस ऑपरेशन में क्यों लगी है. यह ईरान की कैपिबिलिटीज को खत्म करने के लिए है.
ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला किया था. उसी दिन हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई मारे गए थे. उनकी मौत के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ गई है. ईरान चुन-चुनकर अमेरिका के सहयोगियों और सैन्य अड्डों पर हमले कर रहा है. सऊदी अरब, UAE, कतर, कुवैत, बहरीन, ओमान, इराक समेत कई देशों में हमले हो रहे हैं.