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अफगानिस्तान: सरकार चलाने के लिए परिषद का गठन कर सकता है तालिबान, मंत्री होंगे सदस्य

तालिबान के सदस्य वहीदुल्लाह हाशमी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में कहा, अफगानिस्तान का शासन एक परिषद द्वारा चलाया जा सकता है. सर्वोच्च तालिबानी नेता अखुंदजादा को परिषद का प्रमुख बनाया जाएगा.

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तालिबान ने काबुल समेत अफगानिस्तान के ज्यादातर हिस्सों पर कब्जा कर लिया.
तालिबान ने काबुल समेत अफगानिस्तान के ज्यादातर हिस्सों पर कब्जा कर लिया.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मुल्ला हिबतुल्लाह को बनाया जा सकता है परिषद का प्रमुख
  • तालिबान के सदस्य हाशमी ने कहा- अभी इसपर चर्चा नहीं हुई

तालिबान नेतृत्व के सदस्य वहीदुल्लाह हाशमी ने गुरुवार को दावा किया है कि अफगानिस्तान सरकार का नेतृत्व एक काउंसिल द्वारा किया जा सकता है. इसका प्रमुख मुल्ला हिबतुल्लाह अखुंदजादा को बनाया जा सकता है. हाशमी ने ये बयान 19 अगस्त को दिया, जब अफगानिस्तान में स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा था. हालांकि, तालिबान के कब्जे के चलते इस बार हर साल की तरह जश्न का माहौल नहीं देखा गया. 

तालिबान के सदस्य वहीदुल्लाह हाशमी ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा, अफगानिस्तान का शासन एक परिषद द्वारा चलाया जा सकता है. सर्वोच्च तालिबानी नेता अखुंदजादा को परिषद का प्रमुख बनाया जाएगा. 

अभी चर्चा नहीं हुई- हाशमी
हाशमी ने कहा, शासन किस तरह से किया जाएगा, यह कैसा होगा, इस पर चर्चा नहीं की गई है. शायद हम एक परिषद की स्थापना करेंगे. जिसे आप राष्ट्रपति कहते हैं, हम उसे मंत्रियों का प्रमुख कहेंगे. हाशमी ने कहा, इसमें मंत्री होंगे. और इन सभी मंत्रियों को परिषद के प्रमुख द्वारा नियुक्त किया जाएगा. 

हाशमी ने कहा, अमीरुल मोमिनीन जिसका नाम मुल्ला हिबतुल्लाह अखुंदजादा है. हमारे धार्मिक नेता हैं. वे ही हमारे राजनीतिक नेता हैं. लेकिन अभी इस मौके पर वे राष्ट्रपति की भूमिका अदा नहीं करेंगे. वे एक मजबूत भूमिका निभाते हैं. हमारे पास एक डिप्टी या प्रेसिडेंट भी होगा.

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यह बयान उच्च परिषद के प्रमुख अब्दुल्ला अब्दुल्ला और पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई के हक्कानी नेटवर्क के नेता सिराजुद्दीन हक्कानी के भतीजे खलीलुर्रहमान हक्कानी से मिलने के एक दिन बाद आया है. 
 
दुनिया से अच्छे रिश्ते रखेंगे- तालिबान
तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा, हम दुनिया के साथ अपने संबंध रखेंगे, लेकिन ये सभी संबंध कुछ सिद्धांतों के मुताबिक और हमारे राष्ट्रीय सिद्धांतों के आधार पर निर्धारित किए जाएंगे. 

 

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