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कोरोना: 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी लग सकेगी स्पूतनिक लाइट वैक्सीन, एक्सपर्ट्स से मिली अनुमति

अब स्पूतनिक लाइट टीका 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी लगाई जा सकेगी. रूसी एक्सपर्ट्स ने टीके को बुजुर्गों को लगाने की अनुमति दे दी है.

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स्पूतनिक वैक्सीन (रॉयटर्स)
स्पूतनिक वैक्सीन (रॉयटर्स)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 60 साल से अधिक उम्र वालों को भी लगेगा स्पूतनिक लाइट टीका
  • 93.5 फीसदी असरदार रहा है यह टीका, एक्सपर्ट्स ने दी मंजूरी

कोरोना वायरस के खिलाफ दुनियाभर में टीकाकरण अभियान चल रहा है. महामारी को तकरीबन डेढ़ साल का समय बीत चुका है और इतने ही कम वक्त में लोगों की जान बचाने के लिए कई तरह के टीके बन चुके हैं. रूस ने स्पूतनिक-वी और स्पूतनिक लाइट वैक्सीन बनाई है. अब स्पूतनिक लाइट टीका 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी लगाई जा सकेगी. रूसी एक्सपर्ट्स ने टीके को बुजुर्गों को लगाने की अनुमति दे दी है. स्पूतनिक लाइट सिंगल शॉट वैक्सीन है.  

स्पूतनिक-लाइट कोरोना वायरस के खिलाफ 93.5 फीसदी असरदार साबित हुई है. पराग्वे की हेल्थ मिनिस्ट्री के डेटा के अनुसार, यह वैक्सीन अब तक तीन लाख से अधिक लोगों को दी जा चुकी है और इसकी एफिकेसी (असरदार) 93.5 फीसदी रही. रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (RDIF) ने हाल ही में डेटा के आधार पर यह दावा किया था. 

डेटा ने वैक्सीन के काफी सेफ होने का भी दावा किया था और किसी भी तरह का कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा था. आरडीआईएफ के बयान के अनुसार, स्पूतनिक लाइट के वैक्सीनेशन के बाद कोई भी सीवीटी केस सामने नहीं आए हैं. इसके अलावा, जीबीएस के मामले भी नहीं मिले हैं. स्पूतनिक-वी एक हेट्रोजीनियस वैक्सीन है, जोकि दो अलग-अलग वैक्ट्रर्स एडी26 और एडी5 का इस्तेमाल करती है. स्पूतनिक लाइट इस टीके का पहला डोज कंपोनेंट है. 

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वहीं, आरडीआईएफ ने विदेशी टीकों के साथ स्पूतनिक-वी का संयुक्त अध्ययन करने के लिए अन्य टीका उत्पादकों के साथ साझेदारी शुरू करने का बीड़ा उठाया है. आरडीआईएफ ने दावा किया कि अजरबैजान में स्पूतनिक-लाइट और एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के कॉम्बिनेशन के शुरुआती रिजल्ट काफी सुरक्षा की ओर इशारा कर रहे हैं. इससे कोई भी प्रतिकूल असर पड़ता नहीं दिखाई दे रहा है.

 

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