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सिंगापुर: किताब में छपा पैगंबर मोहम्मद का विवादित कार्टून, सरकार ने किया बैन, कहा- यहां ये स्वीकार नहीं

सिंगापुर की सरकार ने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून छापने को लेकर एक किताब को बैन कर दिया है. सरकार का कहना है कि इस कार्टून से कई देशों में हिंसा हो चुकी है और इससे देश के धार्मिक सद्भाव को खतरा है. इसलिए किताब को देश में बिकने नहीं दिया जाएगा.

किताब Red Lines: Political Cartoons And The Struggle  Against Censorship को बैन कर दिया गया है (Photo- MITPRESS.MIT.EDU) किताब Red Lines: Political Cartoons And The Struggle Against Censorship को बैन कर दिया गया है (Photo- MITPRESS.MIT.EDU)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सिंगापुर में राजनीतिक कार्टून पर आधारित किताब बैन
  • पैगंबर मोहम्मद के कार्टून के कारण लगा बैन
  • सरकार ने कहा- सिंगापुर में ये स्वीकार नहीं

सिंगापुर में एक किताब को पैगंबर मोहम्मद के कार्टून और विवादित तस्वीरों के प्रकाशित करने के कारण बैन कर दिया गया है. मुस्लिम मामलों के मंत्री मासागोस ज़ुल्किफली ने कहा है कि राजनीतिक कार्टून वाली किताब पर प्रतिबंध लगा दिया गया है क्योंकि सिंगापुर में पैगंबर मोहम्मद पर व्यंग्य और अपमानजनक चित्रों को प्रकाशित करना अस्वीकार्य है.

बुधवार को सिंगापुर की संसद में बोलते हुए मासागोस ने कहा, 'Red Lines: Political Cartoons And The Struggle Against Censorship किताब में छपी तस्वीरें मुसलमानों के लिए आपत्तिजनक हैं, भले ही उन्हें फ्री स्पीच, शिक्षा, या किसी दूसरे नाम पर प्रकाशित किया जाता है. पैगंबर और इस्लाम के कार्टून के अलावा, किताब में अन्य धर्मों का अपमान करने वाली तस्वीरें भी शामिल हैं.'

'लेखक कह सकते हैं कि उनका इरादा किताब के माध्यम के किसी का अपमान करना या किसी को नीचा दिखाना नहीं है, उनका इरादा शिक्षित करना है, लेकिन सरकार इसे अस्वीकार करती है.'

रिपोर्ट के मुताबिक, सिंगापुर की सरकारी संस्था इन्फोकॉम मीडिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (IMDA) ने पिछले नवंबर में कहा था कि अगस्त में प्रकाशित किताब को सिंगापुर में बेचने या वितरित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. क्योंकि इस किताब को धर्मों को बदनाम करने वाले कंटेंट के लिए Undesirable Publication Act के तहत 'आपत्तिजनक' श्रेणी में रखा गया है.

किताब में शार्ली हेब्डो का कार्टून भी

IMDA ने कहा कि किताब में फ्रांसीसी पत्रिका शार्ली हेब्डो के पैगंबर मोहम्मद के उस कार्टून का भी शामिल किया गया है, जिसके कारण विदेशों में विरोध और हिंसा हुई. साथ ही हिंदू और ईसाई धर्म से संबंधित अपमानजनक संदर्भ भी शामिल हैं.

ये किताब Hong Kong Baptist यूनिवर्सिटी में मीडिया स्टडीज के प्रोफेसर चेरियन जॉर्ज और ग्राफिक उपन्यासकार सन्नी ल्यू ने लिखी है. किताब को पहले ही अमेरिका समेत कई देशों में वितरित किया जा चुका है. किताब में दुनिया भर के राजनीतिक कार्टूनों का निरीक्षण किया गया है और कार्टून सेंसरशिप के लिए विभिन्न प्रेरणाओं, तरीकों की व्याख्या की गई है.

सिंगापुर के मंत्री ने कहा कि पैगंबर की अपमानजनक तस्वीरों के कारण दुनिया के कई हिस्सों में दंगे और मौतें हुई हैं. प्रमुख प्रकाशनों ने इन आपत्तिजनक तस्वीरों को प्रकाशित करने से परहेज किया है.

उन्होंने कहा कि सिंगापुर के सामंजस्यपूर्ण समाज और धार्मिक संबंधों को सरकार और समाज की निरंतर देखभाल और ध्यान देने की आवश्यकता है और यह महत्वपूर्ण है कि हर धर्म का सम्मान किया जाए.

'नहीं लेना चाहते जोखिम'

मासागोस ने कहा, 'हम ऐसा कुछ भी जोखिम नहीं लेना चाहते हैं जो उस शांति और सद्भाव को बिगाड़ना शुरू कर दे. हम अपने नस्लीय और धार्मिक सद्भाव को बनाए रखने और मजबूत करने के लिए अपने सभी धार्मिक समुदायों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो हमारे एकजुट समाज का आधार है.'

बुधवार को सूचना और प्रसारण मंत्री जोसेफिन टीओ ने भी किताब के बारे में बात की और जोर देकर कहा कि सरकार किसी भी धार्मिक समूह का अपमान या उस पर हमला करने की अनुमति नहीं देती है. क्योंकि अभद्र भाषा और आपत्तिजनक सामग्री आसानी से सामान्य हो जाती है और अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो इससे सामाजिक विभाजन होता है.

मंत्री ने कहा, 'सिंगापुर में नस्लीय और धार्मिक सद्भाव को बनाए रखने के लिए हम इस तरह के कंटेंट के प्रकाशन के उद्देश्य की परवाह किए बिना एक दृढ़ रुख अपनाते हैं.'

जोसेफिन टीओ ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में सरकार ने रेड लाइन्स के अलावा छह अन्य किताबों को विभिन्न धार्मिक समुदायों को बदनाम करने के लिए आपत्तिजनक माना है. इन किताबों को सिंगापुर में बैन कर दिया गया है. किताबों को विभिन्न नस्लीय या धार्मिक समूहों के बीच शत्रुता, घृणा, दुर्भावना या शत्रुता की भावना पैदा करने की संभावना के कारण आपत्तिजनक मानकर बैन किया गया है.

बुधवार को ही सिंगापुर के गृह मंत्रालय ने कहा कि वो शार्ली एब्दो जैसे आपत्तिजनक कार्टून को यहां प्रकाशित नहीं होने देगा, भले ही कार्टून ईसाई, इस्लाम, बौद्ध, हिंदू धर्म या अन्य धर्मों के बारे में हों.

गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया, 'इस तरह की तस्वीरें भले ही सामाजिक टिप्पणी के रूप में या सेंसरशिप के मुद्दे पर चर्चा के लिए किताब में रखी गई हों, ये विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच हिंसा पैदा कर सकती हैं.'

मंत्रालय ने कहा, 'हमारे विचार में रेड लाइन्स किताब में इस्तेमाल कार्टून कई धर्मों के लिए आपत्तिजनक हैं. आज हम सिंगापुर में जिस बहु-नस्लीय और बहु-धार्मिक सद्भाव का आनंद ले रहे हैं, ऐसा सब जगह होता नहीं है. यह एक ऐसा देश है जिसके लिए हमने कड़ी मेहनत की है.'

साल 2020 की जनगणना आंकड़ों के अनुसार, सिंगापुर में 31 फीसदी बौद्ध, 18 फीसदी ईसाई और 15.6 फीसदी मुस्लिम हैं. वहीं, हिंदुओं की आबादी 5 फीसदी है.

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