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PAK: 'डीप कोमा' में सरबजीत, हालत बिगड़ी

लाहौर की एक जेल में हमले का शिकार हुए सरबजीत सिंह की हालत बेहद खराब हो रही है, वो डीप कोमा में चले गए हैं. उनके सिर पर गंभीर चोट आई है, जिसकी वजह से काफी खून बह रहा है. सी वजह से अभी सरबजीत की सर्जरी नहीं हो सकती. डॉक्टर थोड़ी हालत सुधरने का इंतजार कर रहे हैं.

सरबजीत सिंह सरबजीत सिंह

लाहौर की एक जेल में हमले का शिकार हुए सरबजीत सिंह की हालत बेहद खराब हो रही है, वो डीप कोमा में चले गए हैं. उनके सिर पर गंभीर चोट आई है, जिसकी वजह से काफी खून बह रहा है. सी वजह से अभी सरबजीत की सर्जरी नहीं हो सकती. डॉक्टर थोड़ी हालत सुधरने का इंतजार कर रहे हैं.

पहले भी हमले की आशंका जता चुका था सरबजीत
शुक्रवार को सरबजीत पर कोट लखपत जेल में हमला हुआ था. दो साथी कैदियो ने सरबजीत पर ईंट से वार किया था, जिसमें वो बुरी तरह घायल हो गए थे. सरबजीत सिंह ने पहले भी अपने ऊपर हमले की आशंका जताई थी.

लाहौर के जिन्ना अस्पताल में भर्ती
सरबजीत सिंह को लाहौर के जिन्ना अस्पताल में भर्ती किया गया है. सरबजीत कोमा में हैं और उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है. देर रात भारतीय उच्चायोग के दो सदस्य सरबजीत से मिलने के लिए लाहौर के जिन्ना अस्पताल पहुंचे.

डॉक्टरों ने बताया कि सरबजीत के चेहरे पर सूजन है और अगले 24 घंटे उनके लिए बेहद नाजुक हैं. इस दौरान जिन्ना अस्पताल की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. सरबजीत पर उस वक्त हमला किया गया जब उन्हें और दूसरे कैदियों को उनके सेल से एक घंटे के अवकाश के लिए बाहर निकाला गया था.

दो कैदियों ने  किया था सरबजीत पर हमला
दो कैदियों ने सरबजीत पर ईंट और ब्लेड से हमला किया. शुरू में उन्हें जेल के भीतर बने अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालत ज्यादा खराब होने पर सरबजीत को एंबुलेंस से जिन्ना अस्पताल ले जाया गया.

अधिकारियों ने बताया कि सरबजीत का सीटी स्कैन किया गया है. सीटी स्कैन के बाद उन्हें आईसीयू में ले जाया गया और उनकी हालत गंभीर बतायी गयी है. डॉक्टर आंतरिक रक्तस्राव के चलते उनका ऑपरेशन करने में असमर्थ हैं.

जिन्ना अस्पताल के मुख्य कार्यकारी महमूद शौकत ने कहा, ‘सिंह की हालत उसे भर्ती किए जाने से लेकर आईसीयू में इलाज के समय से ही गंभीर बनी हुई है. अलग से एक कमरे को उसके इलाज के लिए आईसीयू में तब्दील कर दिया गया है.’

शौकत ने कहा कि सरबजीत को जब अस्पताल लाया गया तब उसके सिर में कई गहरे जख्म थे. उसकी श्वासनली में एक ट्यूब लगायी गयी ताकि उन्हें वेंटिलेटर से सांस लेने में मदद मिले.

सरकार ने उसके इलाज के लिए एक उच्च स्तरीय मेडिकल बोर्ड बनाया है. इस बोर्ड में वरिष्ठ न्यूरोसर्जन अंजुम हबीब वोहरा, वरिष्ठ न्यूरो फिजीशियन नईम कसूरी, अल्लमा इकबाल मेडिकल कॉलेज के न्यूरो विभाग के प्रमुख जफर चौधरी शामिल हैं.

सरबजीत की सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड निलंबित
सूत्रों ने बताया कि मौत की सजा पाए आमिर अफताब ने कुछ दिन पहले सरबजीत पर हमला करने का प्रयास किया था. दोनों के बीच किसी बात को लेकर लड़ाई हुई थी. इस झगड़े का कारण पता नहीं चल पाया.

स्थानीय टेलीविजन चैनलों के अनुसार इस घटना के बाद कोट लखपत जेल के अधीक्षक, सहायक अधीक्षक और सरबजीत की सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड को निलंबित कर दिया गया. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एजाज अहमद चौधरी ने बताया कि कोट लखपत जेल के अधिकारी इस घटना की जांच कर रहे हैं.

चौधरी ने कहा कि विदेश मंत्रालय भारतीय उच्चायोग की ओर से की गई कूटनीतिक पहुंच के आग्रह की पड़ताल कर रहा है. कोट लखपत जेल के अधिकारियों ने मीडिया से बात करने से इनकार करते हुए कहा कि वे इस मामले पर टिप्पणी करने के लिए अधिकृत नहीं हैं.

पत्रकारों को अस्पताल के उस वार्ड में जाने से रोक दिया गया जहां सरबजीत का उपचार चल रहा है. पुलिस कमांडो और खुफिया विभाग के लोगों को वार्ड की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिया गया है.

पाकिस्‍तानी विदेश मंत्रालय के संपर्क में भारत
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने कजाकिस्तान में कहा कि भारत ने कूटनीतिक पहुंच की मांग की है. वह विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के साथ एक सम्मेलन में हिस्सा लेने कजाकिस्तान गए हैं.

अकबरूद्दीन ने कहा, ‘भारत ने तथ्यों का पता लगाने के लिए पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय से संपर्क किया है. कूटनीतिक पहुंच के लिए दो अधिकारियों को लाहौर भेजा गया है और हम जवाब का इंतजार कर रहे हैं. हम वहां के विदेश मंत्रालय और राष्ट्रपति कार्यालय के संपर्क में हैं.’

सिंह के वकील ओवैस शेख ने कहा, ‘यह बहुत परेशान करने वाला है. यह ऐसा नहीं है जिसे हम नजरअंदाज कर सकें. निश्चित तौर पर इसके बहुत गंभीर परिणाम होंगे.’ उन्होंने कहा, ‘अफजल गुरू को फांसी पर चढ़ाये जाने के बाद सरबजीत ने और एक सीआईडी अधिकारी ने मुझसे कहा था कि कोट लखपत जेल में एक कैदी ने उसे जान से मार देने की धमक दी है. मैं यह बात जेल प्रशासन एवं पंजाब के गृह विभाग के संज्ञान में लाया था, लेकिन उन्होंने उसकी सुरक्षा नहीं बढ़ाई.’

उन्होंने कहा, ‘जो कुछ भी हुआ है, उसके लिए हमारे जेल अधिकारी जिम्मेदार हैं. उम्मीद करते हैं कि खुदा सरबजीत को बचाएगा. उसे गंभीर चोट लगी है.’ इसी बीच जाने माने मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने कहा, ‘मैं उसकी तत्काल रिहाई एवं उसे भारत भेजे जाने के लिए राष्ट्रपति के पास दूसरी क्षमा याचिका दायर करने जा रहा हूं. उस पर गंभीर खतरा है.’

कोट लखपत जेल में फिलहाल 17,000 कैदी बंद हैं, जबकि इसकी आधिकारिक क्षमता महज 4,000 कैदियों की है. संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी दिए जाने के बाद सरबजीत की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी.

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 1990 में हुए बम विस्फोटों में कथित संलिप्तता के लिए सरबजीत को मौत की सजा सुनाई गई है. इन विस्फोटों में 14 लोग मारे गए थे. सरबजीत की दया याचिकाओं को परवेज मुशर्रफ और अदालतों ने खारिज कर दिया था.

हाल ही में अपना कार्यकाल पूरा करने वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व की सरकार ने साल 2008 में सरबजीत की फांसी को अनिश्चितकाल के स्थगित कर दिया था. सरबजीत के परिवार का कहना है कि सरबजीत गलत पहचान का शिकार बना है.

अधिकारियों ने कहा कि सरबजीत पर उस समय हमला हुआ जब उसे तथा अन्य कैदियों को एक घंटे के अवकाश के लिए उनकी कोठरियों से बाहर लाया गया. दूसरी ओर, कुछ सूत्रों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि सरबजीत पर उसकी बैरक में ही हमला किया गया और कम से कम छह कैदी हमले में शामिल थे.

नाम उजागर ना किए जाने की शर्त पर जेल के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर कैदी सरबजीत की बैरक के पास पहुंच गए. उन्होंने जेल के दो वॉर्डनों को पकड़ लिया और आफताब ने सरबजीत की कोठरी की चाबी छीन ली और दरवाजा खोल दिया. कम से कम दो सूत्रों ने बताया कि सरबजीत के सिर पर ईंटें मारी गईं और उसके गले एवं पेट पर ब्लेड से हमला किया गया.

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