scorecardresearch
 

'इससे भी ज्यादा कड़े शब्द बोल सकता हूं', ऑस्ट्रिया में गुस्साए जयशंकर, यूरोप को भी दी नसीहत

पाकिस्तान को आतंकवाद का केंद्र बिंदु बताने को लेकर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद फैलाने में पाकिस्तान का जो योगदान है, उसके लिए वे इससे भी कठिन शब्दों का इस्तेमाल कर सकते थे.

Advertisement
X
फोटो- भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर
फोटो- भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर

पाकिस्तान को आतंकवाद का केंद्र बिंदु बताने को लेकर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि, वे इससे भी ज्यादा कठिन शब्दों का इस्तेमाल पाकिस्तान के लिए कर सकते थे. उन्होंने कहा कि, सीमा पार आतंकवाद फैलाने में पाकिस्तान का बड़ा हाथ रहता है और अब दुनिया को आतंकवाद को लेकर चिंतिंत हो जाना चाहिए. 

दरअसल, सोमवार को ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री के साथ मीटिंग के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उसे आतंकवाद का केंद्र बिंदु बताया था. जिसके बाद ऑस्ट्रिया के नेशनल ब्रॉडकास्टर ओआरएफ को दिए एक इंटरव्यू में जब पत्रकार ने पाकिस्तान के लिए इस तरह की बात कहने पर जयशंकर से सवाल पूछा तो उन्होंने यह जवाब दिया है. 

पाकिस्तान को आतंकवाद का केंद्र बिंदु कहने के सवाल पर एस जयशंकर ने कहा कि, '' क्योंकि आप एक राजनयिक हैं, इसका मतलब ये नहीं कि आप सच नहीं बोलेंगे. मैं इससे भी ज्यादा कठिन शब्दों का इस्तेमाल कर सकता हूं. इसलिए मेरा यकीन कीजिए, भारत के साथ जो हो रहा है, उसके लिए आतंकवाद का केंद्र बिंदु काफी छोटा और राजनयिक शब्द है.''

भारत की संसद पर हमला कराया, हर रोज आते हैं सीमा पार से आतंकवादी 

Advertisement

पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए एस जयशंकर ने कहा कि, ''यह वो देश है, जिसने कुछ सालों पहले भारत की संसद पर हमला कराया, मुंबई शहर पर हमला कराया, जो हर रोज सीमा पार से आतंकवादियों को भारत भेजता है.''

एस जयशंकर ने कहा कि, ''जब दिनदहाड़े ही शहरों में आतंकवादियों के कैंप संचालित हो रहे हैं तो क्या आप सच में मुझे बता सकते हैं कि पाकिस्तान को कुछ पता ही नहीं कि क्या चल रहा है. खासतौर पर जब उन्हें मिलिट्री स्तर की ट्रेनिंग दी जा रही हो.''

विदेश मंत्री ने यूरोप को भी घेरा

एस जयशंकर ने यूरोपीय देशों पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि, ''इसलिए जब हम विचारों और मूल्यों की बात करते हैं तो यूरोप के देश दशकों से हो रही इन हरकतों की निंदा क्यों नहीं करते हैं.''

वहीं पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध के सवाल पर एस जयशंकर ने कहा कि, उन्हें लगता है कि दुनिया को इस समय आतंकवाद को लेकर चिंतित होने की जरूरत है. विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया को इस बात से चिंतित होना चाहिए कि आतंकवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, फिर भी दुनिया इसे नजरअंदाज कर रही है. 

विदेश मंत्री ने आगे कहा कि दुनिया को लगता है कि यह उनकी परेशानी है, क्योंकि यह दूसरे देशों के साथ हो रहा है. जबकि दुनिया को यह चिंता करने की जरूरत है कि आतंकवादियों से मिल रही चुनौतियों का कैसे मजबूती से सामना किया जाए.  

Advertisement

ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री के साथ एस जयशंकर की प्रेस कॉन्फ्रेंस
सोमवार को ऑस्ट्रिया दौरे पर अपने समकक्ष अलेक्जेंडर शालेनबर्ग के साथ भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की. एस जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद का प्रभाव सिर्फ एक क्षेत्र पर नहीं होता है, खासतौर पर उस समय जब वह ड्रग्स, अवैध हथियारों के कारोबार समेत अन्य तरह के अंतरराष्ट्रीय अपराधों से गहरी तरह से जुड़ा हुआ हो.

एस जयशंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, ''जब आतंकवाद का केंद्र बिंदु भारत के इतना ज्यादा करीब है, तो अपने आप ही हमारा अनुभव दूसरों के लिए काम का है.'' जयशंकर ने आगे कहा कि, हमने बार-बार कहा है कि आतंकवाद और हिंसा से मुक्त वातावरण के अंदर भारत भी पाकिस्तान के साथ अच्छे पड़ोसी की तरह रहने की इच्छा रखता है.   

विदेश मंत्री ने कहा कि, भारत ने हमेशा पाकिस्तान से कहा है कि वार्ता और आतंकवाद एक साथ आगे नहीं बढ़ सकते हैं. इसलिए हमने कई बार पाकिस्तान से भारत पर हमले करने वाले आतंकी संगठनों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए भी कहा है.

बता दें कि भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर दौरे पर ऑस्ट्रिया पहुंचे थे. पिछले 27 सालों में पहली बार दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने मुलाकात की है.

Advertisement

Advertisement
Advertisement