रूस के साथ जारी जंग के बीच यूक्रेन ने नई रणनीति अपनाई है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) ने यूरोपियन यूनियन (European Union) से उनके देश को जल्द से जल्द सदस्यता देने की मांग की है. यूरोपियन संसद ने राष्ट्रपति जेलेंस्की के आवेदन को मान लिया है, लेकिन अब भी उनके लिए राह आसान नहीं है.
दरअसल, यूरोपियन यूनियन में शामिल होने के लिए चार स्टेप होते हैं. यूक्रेन ने अभी दो स्टेप पार कर लिए हैं और बाकी के जो दो स्टेप पार करने बाकी है, वो ज्यादा अहम है.
क्या-क्या होते हैं स्टेप?
1. आवेदनः यूरोपियन यूनियन का सदस्य बनने के लिए किसी देश को सबसे पहले आवेदन करना होता है. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दो दिन पहले ही यूरोपियन यूनियन के सदस्य वाली अर्जी पर हस्ताक्षर कर दिए थे.
2. कैंडिडेट स्टेटसः आवेदन को मंजूर किया जाए या नहीं, इसे लेकर यूरोपियन संसद में वोटिंग होती है. सोमवार को यूक्रेन की अर्जी पर यूरोपियन संसद में वोटिंग हुई थी, जिसमें उसके पक्ष में 637 वोट पड़े. इसके साथ ही यूक्रेन अब कैंडिडेट स्टेटस के स्टेप पर पहुंच गया है.
3. नेगोसिएशनः सबसे अहम स्टेप यही होता है और इसी में सबसे ज्यादा समय लगता है. इसमें यूरोपियन यूनियन और देश के बीच नेगोसिएशन होता है. इसमें तय होता है कि जो देश यूरोपियन यूनियन का सदस्य बनना चाहता है, वो संघ के सारे नियम-कायदों को पालन करेगा. इसके साथ ही वो यूरोपियन यूनियन की सारी शर्तें भी माननी होंगी और यूरो को भी अपनाना होगा.
4. सदस्यताः नेगोसिएशन की प्रक्रिया होने के बाद मामला यूरोपियन काउंसिल के पास जाएगा. यहां सभी 27 सदस्य देशों की मंजूरी जरूरी होगी. अगर एक भी देश खिलाफ गया तो उस देश को सदस्यता नहीं मिल सकती. यूक्रेन के मामले में यही दिक्कत है. कुछ देश हैं जो नहीं चाहते कि यूक्रेन यूरोपियन यूनियन का सदस्य बने.
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तो इसमें कितना समय लग सकता है?
यूरोपियन यूनियन की वेबसाइट पर साफ-साफ लिखा है कि किसी भी देश को एक रात में यूरोपियन यूनियन का सदस्य नहीं बनाया जा सकता. इसकी एक लंबी प्रक्रिया होती है जिसमें कई साल लग जाते हैं. आखिरी बार यूरोपियन यूनियन में क्रोएशिया को सदस्यता दी गई थी. उसे 2013 में EU में शामिल किया गया था. उसे सदस्य बनने में 10 साल लग गए. वहीं, सबसे कम समय में ऑस्ट्रिया, फिनलैंड और स्वीडन को सदस्य बनाया गया था. इन तीनों को महज 2 साल में ही सदस्य बना लिया गया था.
अगर यूक्रेन सदस्य बना तो उसके लिए क्या बदलेगा?
तीन बड़े बदलाव होंगे -
1. आर्थिक तौर परः यूक्रेन को यूरोपियन यूनियन का खुला बाजार मिल जाएगा. उसका सामान बिना किसी पाबंदी यूरोपियन यूनियन के देशों तक आसानी से जा सकेगा. इसके साथ ही यूक्रेन को यूरोपियन यूनियन से आर्थिक मदद भी मिल सकेगी.
2. सैन्य तौर परः यूरोपियन यूनियन के कानून में एक क्लॉज है, जिसमें लिखा है कि अगर किसी भी सदस्य देश पर कोई बाहरी आक्रमण करता है तो बाकी सभी देश उसकी सैन्य मदद करेंगे. अगर यूक्रेन को तुरंत सदस्यता मिल जाती है तो EU के बाकी सदस्य खुलकर रूस के खिलाफ उसकी मदद कर सकते हैं. अभी भी EU के सदस्य देश यूक्रेन की सैन्य मोर्चे पर मदद कर रही है, लेकिन अपनी सेना वहां नहीं भेज रही. लेकिन EU में आने के बाद सदस्य देश यूक्रेन जाकर उसकी मदद कर सकते हैं.
3. नागरिकों कोः EU का सदस्य बनने पर यूक्रेन के नागरिकों को भी कई फायदे होंगे. उन्हें कई सारे अधिकार मिल जाएंगे. यूक्रेन के नागरिक बिना किसी रुकावट EU के सदस्य देशों में आ-जा सकेंगे.
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यूरोपियन यूनियन में कितने देश हैं?
यूरोपियन यूनियन में 27 देश हैं, जिनमें ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, साइप्रस, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, इस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आयरलैंड, इटली, लातविया, लिथुआनिया, लक्जमबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड्स, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन और स्वीडन शामिल हैं.