
यूक्रेन में फंसे भारतीयों की वापसी अब शुरू कर दी गई है. रोमानिया से भारत का पहला विमान उड़ान भरने को तैयार है. ये सब इसलिए हो पा रहा है क्योंकि अब फिर पश्चिमी यूक्रेन के Lviv और Chernivtsi में विदेश मंत्रालय के कैंप सक्रिय हो गए हैं.
एक तस्वीर भी सामने आ गई है कि जहां पर 25 से 30 भारतीय छात्र वतन वापसी पर अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं. वैसे भारतीय छात्रों की वतन वापसी की तैयारी कल ही शुरू कर दी गई थी जब विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि पोलैंड और हंगरी के रास्ते से सभी को बाहर निकाला जाएगा. इस पूरे रेस्क्यू मिशन में एयर इंडिया एक सक्रिय भूमिका निभा रहा है और उसकी तरफ से ही हजारों भारतीयों की वतन वापसी होने जा रही है.
The first batch of Indian students have left Chernivtsi for the Ukraine-Romania border
— ANI (@ANI)
MEA Camp Offices are now operational in Lviv and Chernivtsi towns in western Ukraine. Additional Russian speaking officials are being sent to these Camp Offices.
इस खास मौके पर एयर इंडिया की तरफ से भी एक संदेश साझा किया गया है. उन्होंने कहा है कि हिम्मत से हमारी पुरानी यारी है. जानकारी दी गई है कि आज यूक्रेन के लिए एयर इंडिया की चार फ्लाइल संचालित होने जा रही हैं. इस कड़ी में दो फ्लाइटें तो दिल्ली से Bucharest के लिए रवाना होंगी, वहीं एक फ्लाइट Budapest जाएगी और एक मुंबई से Bucharest के लिए रवाना की जाएगी. अभी जो पहला विमान रोमानिया से रवाना किया गया है, उसमें 470 भारतीय छात्र मौजूद हैं.
Updated Coordinates of MEA Teams assisting Indian nationals in Ukraine ⬇️
— Arindam Bagchi (@MEAIndia)

बताया गया है कि यूक्रेन में अभी 20 हजार के करीब भारतीय फंसे हुए हैं. इस लिस्ट में कई तो वो छात्र हैं जो वहां पर पढ़ने गए थे. कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं जहां पर मेडिकल के छात्र बंकरों में छिपने को मजबूर हैं. इसी वजह से अब भारत सरकार की तरफ से रेस्क्यू मिशन को तेज किया जा रहा है. कल पीएम मोदी ने भी पुतिन से फोन पर बातचीत के दौरान ये मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा था कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों की सुरक्षा उनकी सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है. अब उस बातचीत के बाद आज रेस्क्यू का काम शुरू कर दिया गया है. छात्रों की पहली खेप रवाना कर दी गई है. कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मिशन में और ज्यादा तेजी आने वाली है. विदेश मंत्रालय ने भी आश्वासन दिया है कि सभी फंसे भारतीयों की सफल वतन वापसी करवाई जाएगी.
रूस-यूक्रेन की वर्तमान स्थिति की बात करें तो तनाव चरम पर चल रहा है. रूसी सेना अब यूक्रेन की राजधानी के बेहद करीब आ गई है. इस बढ़ते खतरे को देखते हुए दोनों ही देशों ने अब बातचीत की टेबल पर आने की बात कही है. बताया गया है कि रूस की तरफ से बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजा जाएगा. ऐसे में युद्ध समाप्त को लेकर आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण पहल की जा सकती है.