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मानव खोपड़ी और हथियार... इजरायल की गुफा में मिली हजारों साल पुरानी चीजों ने चौंकाया, देखें वीडियो

इजरायल की गुफा में हजारों साल पुराना एक अंडरवर्ल्ड पोर्टल खोजा गया है. इस पोर्टल में से शोधकर्ताओं ने तीन मानव खोपड़ी के टुकड़े, 120 तेल के लैंप, मिट्टी के बर्तन और हथियारों समेत कई दिलचस्प वस्तुओं की खोज की है.

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स्क्रीनशॉटः @RT_com
स्क्रीनशॉटः @RT_com

पुरातत्वविदों ने इजरायल के यरूशलम के पास एक प्राचीन द्वार की खोज की है. हावर्ड थियोलॉजिकल रिव्यू में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, खोज स्थल पर हजारों साल पुरानी मानव खोपड़ियां, लैंप, सिक्के और कलाकृतियां मौजूद हैं. 

अमेरिकी न्यूज पोर्टल Vice की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1873 से ही इजरायल के यरूशलम पहाड़ियों में स्थित टेओमिम गुफा का अध्ययन किया जा रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि गुफा के अंदर बहने वाले झरने का पानी उन लोगों के लिए औषधि माना जाता था, जिन्होंने 4000 ईसा पूर्व और चौथी शताब्दी के बीच इस गुफा का उपयोग किया था. यह गुफा हिस्टोरिकल ड्रामा और लीजेंड्स दोनों का स्त्रोत है. रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी शताब्दी में बार खोखवा विद्रोह के दौरान यहूदी विद्रोहियों ने इस गुफा का इस्तेमाल किया था.

पुरातत्व विभाग के शोधकर्ता 2009 से इजरायल स्थित बार-इलान विश्विद्यालय के अध्ययन और पुरातत्व विभाग और यरूशलम स्थित हिब्रू विश्विद्यालय के गुफा अनुसंधान केंद्र के सहयोग से गुफा की खुदाई कर रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने इस दौरान तीन मानव खोपड़ियों के टुकड़े, 120 ऑयल लैंप, प्राचीन बर्तन और लगभग दो हजार साल पहले के कांस्य युग के हथियार समेत कई दिलचस्प वस्तुओं की खोज की. ये सभी वस्तुएं एक साथ व्यवस्थित किया गया था और चट्टानों की दरारों में छिपा कर रखा गया था. 

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काले-जादू के लिए किया जाता होगा इस्तेमालः शोधकर्ता

इजरायल पुरातन प्राधिकरण और बार-इलान विश्विद्यालय के पुरातात्वविद् ईटन क्लेन और बोअज जिसु का एकमत रूप से कहना है रोमन काल में इस गुफा में नेक्रोमन्सी (काला-जादू) जैसे कार्यक्रम का आयोजन किया गया होगा. इस दौरान इस गुफा को एक स्थानीय दैवज्ञ के रूप में इस्तेमाल किया गया होगा. शोधकर्ताओं का कहना है कि रोमन काल में काला जादू टोना गुफाओं में ही होते थे.

खोज में शामिल प्रोफेसर बोअज जिसू का कहना है कि बार कोखबा विद्रोह के पतन के बाद इस क्षेत्र में आमूल-चूल परिवर्तन आया. यह क्षेत्र पहले एक यहूदी क्षेत्र था. पतन के बाद इस क्षेत्र में रोमन पेगन एलिमेंट्स का प्रवेश हुआ. संभव है कि काला जादू करने के लिए मानव खोपड़ियों के टुकड़े, ऑयल लैंप और हथियार जैसे वस्तु को एकत्रित करने का काम इनके द्वारा ही किया गया होगा. 

स्टडी में कहा गया है कि यरूशलम की पहाड़ियों में जादू-टोना करने के लिए आवश्यक सभी सांस्कृतिक और भौतिक वस्तुएं मौजूद हैं. इस दुर्गम पहाड़ियों में खोजी गई अधिकांश वस्तुएं जैसे ऑयल लैंप, मिट्टी के बर्तन, कांच के कटोरे और बर्तन, कुल्हाड़ी का सिर और खंजर का उपयोग किसी न किसी तरह से गुफाओं में जादू-टोना करने के लिए किया जाता था. जिसे अंडरवर्ल्ड का संभावित द्वार माना जाता था. जादू-टोने की मदद से उनका उद्देश्य भविष्यवाणी करना और मृतकों की आत्माओं को जगाना था. 

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रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि शोधकर्ताओं ने जादुई प्रथाओं की भी पहचान करने की कोशिश की. हालांकि, यह आसान नहीं था. आमतौर पर जादुई प्रयोग अनुष्ठानों में किया जाता है. इसके अलग-अलग तरीके हैं. ऐसे में पुरातात्विक संदर्भ में जादू का पता लगाने के लिए उन प्रथाओं के भौतिक साक्ष्य का पता लगाना होगा. 
 

 

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