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पुलवामा में PAK सेना को आई साजिश की बू, भारत के खिलाफ दिए ये तर्क

पाक सेना के प्रवक्ता ने कहा कि 2008 के मुंबई अटैक की बात करें तो उस वक्त पाकिस्तान अच्छी तरक्की कर रहा था और भारत में इसी साल फरवरी से दिसंबर तक आम चुनाव होने थे.

पाक सेना के प्रवक्ता आसिफ गफूर पाक सेना के प्रवक्ता आसिफ गफूर

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता और इंटर स्टेट पब्लिक रिलेशंस के डीजी आसिफ गफूर ने शुक्रवार को मीडिया को संबोधित किया. उनका यह संबोधन पुलवामा हमले के आलोक में जारी हुआ. उन्होंने पुलवामा हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता से इनकार किया और इसका दोष भारत पर मढ़ा. गफूर ने कहा कि पाकिस्तान में जब भी कोई प्रमुख इवेंट होना हो, या पाकिस्तान की स्थिरता बेहतर हो रही हो तो भारत में या कश्मीर में कोई न कोई वाकया हो जाता है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान का तर्क पुष्ट करने के लिए उन्होंने एक टाइमलाइन जारी करते हुए अलग अलग घटनाओं का जिक्र किया. गफूर की बताई टाइमलाइन ये है-

-2001 में भारतीय संसद पर आतंकी हमला हुआ, उसके एक साल बाद 2002 में वहां आम चुनाव होने वाले थे. राष्ट्रपति के चुनाव होने थे. संयुक्त राष्ट्र आम सभा की बैठक भी चल रही थी. यही वक्त था जब 9/11 के बाद पाकिस्तानी सरहद पर दहशतगर्दी ज्यादा बढ़ गई.

-2008 के मुंबई अटैक की बात करें तो उस वक्त भी पाकिस्तान अच्छी तरक्की कर रहा था और भारत में इसी साल फरवरी से दिसंबर तक आम चुनाव होने थे.

-2 जनवरी 2016 को पठानकोट हमला हुआ. उस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति का राष्ट्र के नाम संबोधन होना था. भारत में प्रादेशिक चुनाव होने थे और भारत-पाक के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता होनी थी. हमले के बाद वह रुक गई.

-18 सितंबर 2018 को उरी हमला हुआ. हमारे प्रधानमंत्री को संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में शामिल होने जाना था.

-ये पैटर्न बताता है कि पाकिस्तान में जब भी कोई इवेंट होना हो तो इस किस्म का वाक्या होता है.

-14 फरवरी को पुलवामा हमला हुआ. फरवरी-मार्च में पाकिस्तान में 8 बहुत जरूरी इवेंट आयोजित थे. सऊदी क्राउन प्रिंस का पाकिस्तान का दौरा था और अच्छे निवेश की कॉन्फ्रेंस थी. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकी सूची पर बात होनी थी. अफगान शांति वार्ता पर बात चल रही थी, उसमें भी अच्छी प्रगति थी. संयुक्त राष्ट्र में कश्मीरी अवाम पर जारी भारतीय जुल्म को लेकर बहस होनी थी. हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) में कुलभूष जाधव मामले की निर्णायक सुनवाई होनी थी. एफएटीएफ रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा होनी थी और पाकिस्तान के लिए फैसला होना था. करतारपुर साहिब बॉर्डर को लेकर दोनों मुल्कों में जरूरी बातचीत होनी थी और पाकिस्तान सुपर लीग के मैच होने थे.

-भारतीय सरहद पर कई स्तर की सुरक्षा है, तो यह कैसे हो सकता है कि कोई शख्स सरहद पार करे और ऐसे इलाके में प्रवेश करे जहां फौज की तादाद वहां की आबादी से भी ज्यादा है. जो विस्फोटक इस्तेमाल हुआ, वहीं का था. जो गाड़ी इस्तेमाल हुई, वो वहीं की थी. जिस युवा ने हमला किया वह कश्मीरी युवा है. 2017 में वह अरेस्ट भी हुआ था. उस युवा को इस हालत में लाया गया कि वह फिदायीन हमला करे.         

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