प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को म्यांमार पहुंचे. यहां वह सुरक्षा और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता के साथ-साथ दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश करेंगे.
म्यांमार पहुंचने पर राष्ट्रपति हतिन क्याव ने पीएम मोदी का स्वागत किया. इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति क्याव के साथ म्यांमार और भारत के एतिहासिक रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा की.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने म्यांमार के राष्ट्रपति क्याव द्वारा पीएम मोदी का स्वागत किए जाने की कुछ तस्वीरें ट्वीट की हैं. दोनों नेताओं को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया.
PM welcomed by the President U Htin Kyaw; both leaders inspect the guard of honour.
— Raveesh Kumar (@MEAIndia)
इससे पहले पीएम मोदी ने म्यांमार पहुंचने के बाद ट्वीट किया, 'अभी ने प्यी ता पहुंचा, मेरी म्यांमार यात्रा यहीं से शुरू होगी. म्यांमार की यात्रा के दौरान मैं कई कार्यक्रमों में शामिल होऊंगा'. बता दें कि मोदी अपनी दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण के तहत यहां पहुंचे हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ने प्यी ता हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री के पहुंचने की कुछ तस्वीरों को ट्वीट की. उन्होंने लिखा कि ब्रिक्स 2017 में कई कूटनीतिक बैठकों के बाद पीएम नरेन्द्र मोदी का नेप्यीता पहुंचने पर शानदार स्वागत हुआ.
Mingalaba Myanmar!
After intense diplomatic engagements at , PM arrives to a warm welcome at Naypyitaw
— Raveesh Kumar (@MEAIndia)
मोदी के लिए ख़ास भोज
राष्ट्रपति हतिन क्याव ने मोदी के लिए ख़ास भोज आयोजित किया है. इसके बाद बुधवार को प्रधानमंत्री म्यामांर की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से विस्तृत चर्चा करेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि वह बगान शहर की यात्रा को लेकर उत्साहित हैं, जहां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने आनंदा मंदिर का शानदार मरम्मत कार्य किया है. उन्होंने बताया कि पिछले साल आए भूकंप के कारण यह मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया था.
गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2014 में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने म्यांमार गए थे. इसके बाद म्यांमार के राष्ट्रपति और सू की पिछले साल भारत आए थे. म्यांमार भारत के रणनीतिक पड़ोसियों में से एक है और उग्रवाद प्रभावित नगालैंड एवं मणिपुर समेत कई भारतीय पूर्वोत्तर राज्यों के साथ 1640 किलोमीटर की सीमा साझा करता है.
रोहिंग्या मुसलमानों का मुद्दा उठाएंगे मोदी
म्यांमार के राखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ जातीय हिंसा की घटनाओं में तेजी आने के बीच प्रधानमंत्री इस देश की यात्रा पर हैं. मोदी म्यांमार की 'स्टेट काउंसलर' आंग सान सू च्यी से कल विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करेंगे. रोहिंग्या समुदाय के लोगों के पड़ोसी देशों में पलायन करने के मुद्दे को मोदी द्वारा उठाए जाने की उम्मीद है.
भारत सरकार अपने देश में रोहिंग्या प्रवासियों को लेकर भी चिंतित है. सरकार उन्हें स्वदेश वापस भेजने पर विचार कर रही है. समझा जाता है कि करीब 40000 रोहिंग्या भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं. मोदी ने यात्रा से पहले कहा था कि भारत और म्यांमार सुरक्षा और आतंकवाद निरोध, व्यापार एवं निवेश, बुनियादी ढांचा एवं ऊर्जा और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर गौर कर रहे हैं.