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दुनिया की ऐसी जगह जो 6 महीने एक देश में और 6 महीने दूसरे देश में, बदल जाते हैं नियम-कानून

दुनिया में एक ऐसा आइलैंड है, जिसपर साल में 6-6 महीने दो देश राज करते हैं. इन देशों में एक स्पेन है और एक फ्रांस. खास बात है कि वर्तमान में दोनों देशों में इस आइलैंड को लेकर कोई लड़ाई भी नहीं है. हालांकि, इस आइलैंड पर कोई रहता नहीं है. आम लोगों के लिए कुछ मौकों पर यह आइलैंड खोल दिया जाता है.

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Photo- Pheasant island
Photo- Pheasant island

फ्रांस और स्पेन की सीमा पर एक ऐसा आईलैंड बसा है, जिस पर दोनों देश साल में 6-6 महीने के अनुसार सरकार चलाते हैं. जी, हां बिना किसी लड़ाई और झगड़े के ही ये दोनों देश इस आईलैंड पर 6 महीने का शासन करते हैं. फीजैंट नाम का यह आईलैंड एक फरवरी से 31 जुलाई तक स्पेन के नियंत्रण में तो बाकी 6 महीने यानी एक अगस्त से 31 जनवरी तक फ्रांस के नियंत्रण में रहता है. खास बात है कि पिछले 350 सालों से दोनों देश इस परंपरा को निभा रहे हैं.

दोनों देशों की सीमा के बीच बह रही नदी बिदासो (Bidassoa) के बीच में बसे फीजैंट आईलैंड में कोई नहीं रहता है. इस आईलैंड पर खास दिनों को छोड़कर किसी को जाने की अनुमति भी नहीं होती है. आईलैंड के दोनों ओर फ्रांस और स्पेन की सेना तैनात रहती है. 

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, आईलैंड काफी शांत जगह है, जिसमें एक ऐतिहासिक इमारत भी बनी हुई है, जिसका कनेक्शन साल 1659 में हुई एक घटना से जुड़ा हुआ है.

आईलैंड को लेकर साल 1659 में हुई थी संधि

दरअसल, पहले इस आईलैंड को लेकर फ्रांस और स्पेन के बीच झगड़ा था. हालांकि, दोनों देशों के बीच करीब तीन महीने बातचीत हुई और साल 1659 में हुई एक संधि हुई. इस संधि को पाइनीस संधि नाम दिया गया. यह संधि एक रॉयल शादी के साथ पूरी की गई. 

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यह शादी स्पेनिश किंग फिलिप IV की बेटी और फ्रेंच के राजा लुईस  XIV की थी. अब इस आईलैंड पर दोनों देश रोटेशन प्रक्रिया के साथ शासन करते हैं. एक ही आईलैंड पर दोनों देशों के राज को कोनडोमिनियम कहा जाता है.

बॉर्डर से लगे स्पेनिश कस्बे सैन सेबेस्टियन और फ्रांस के बेयोने (Bayonne) के नेवल कमांडर ही आईलैंड के कार्यकारी गवर्नर के रूप में काम करते हैं. जिस देश का राज इस आईलैंड पर 6 महीने के लिए होता है, उसी देश का प्रशासन इस पर लागू हो जाता है. 

काफी छोटा है यह आईलैंड 
दोनों देशों के बीच में बसा यह आईलैंड काफी छोटा है. आईलैंड सिर्फ 200 मीटर लंबा और 40 मीटर चौड़ा है. बहुत ही कम मौकों पर इसे आम जनता के लिए खोला जाता है. हालांकि,  बीबीसी के अनुसार यह आईलैंड सिर्फ उम्रदराज लोगों के लिए चर्चा का विषय रहता है, क्योंकि कम उम्र के लोग इसकी ऐतिहासिक अहमियत को नहीं समझते हैं.

धीरे-धीरे खत्म होने की कगार पर यह आईलैंड 
स्पेन और फ्रांस के बीच इस ऐतिहासिक आईलैंड को लेकर चिंता की बात सिर्फ एक है कि यह धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है. आईलैंड का काफी हिस्सा नदी में मिलता जा रहा है. इसके बावजूद भी दोनों देश इसे बचाने की किसी भी तरह की कोशिश नहीं कर रहे हैं. ना ही आईलैंड के बचाव के लिए दोनों देश पैसा खर्च करने के लिए तैयार हैं. 

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